Air Force

शहीदों के शव प्लास्टिक के बैग-गत्ते में लपेटने से आक्रोश

सैन्य कर्मियों के पार्थिव शरीर

नई दिल्ली। तवांग (अरुणाचल प्रदेश) हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए सैन्य कर्मियों के पार्थिव शरीरों को प्लास्टिक के बैग और गत्तों में बांधकर लाए जाने की तस्वीरें देखकर लोगों में बेहद गुस्सा है। क्रिकेटर गौतम गंभीर और सेना के पूर्व अधिकारियों समेत बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर दुख व्यक्त किया है।





गौरतलब है कि गत शुक्रवार को भारतीय वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर तवांग के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में सात वायुसेना के अधिकारियों और जवानों समेत 7 व्यक्तियों की मौत हो गई थी।

इन सैन्यकर्मियों के शव प्लास्टिक के बैगों में रखने और गत्ते में लपेटे जाने की तस्वीरें लेफ्टिनेंट जनरल (सेवा निवृत्त) एच.एस. पनाग ने ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा था कि सैनिकों को ऐसे घर लाया गया।

इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। क्रिकेट खिलाड़ी गौतम गंभीर ने ट्वीट किया- IAF क्रैश के शहीदों के शव…शर्मनाक! माफ़ करना ऐ दोस्त, जिस कपड़े से तुम्हारा कफ़न सिलना था वो अभी किसी का बंद गला सिलने के काम आ रहा है !!!

हालांकि सेना का इस मामले में यह कहना है कि हादसे की जगह ऊंचाई पर होने तथा समय की कमी की वजह से स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ा। यह असामान्य है। गुवाहाटी बेस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सैनिक सम्मान के बाद शवों को लकड़ी के ताबूत में रखा गया था। सेना ने यह भी कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शवों को बॉडी बैग, लकड़ी के बक्से या ताबूतों में ले जाया जाए। शहीदों को हमेशा पूरा सैन्य सम्मान दिया जाता है।

 

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