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NDA कैडेट ने घायल जूनियर को पीठ पर लादकर पूरी की दौड़ 

पुणे। नेशनल डिफेंस अकेडमी (एनडीए) जहां सैनिकों को शारीरिक और मानसिक रूप से देश की रक्षा के लिए तैयार किया जाता है। यहां  उनमें जीत का जज्बा तो पैदा किया ही जाता है, साथ ही एकता और आपसी सहयोग की भावना भी कूट कूट कर भरी जाती है। हाल ही में ऐसी ही एक सहयोग की भावना उस वक्त देखने को मिली, जब NDA में अपनी ट्रेनिंग के दौरान एक कैडेट ने क्रॉस कंट्री रन के दौरान अपने एक साथी के घायल हो जाने पर उसे अपनी पीठ पर लादकर अपनी दौड़ पूरी की।





एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक NDA के अधिकारियों के मुताबिक दोनों ही कैडेट इको स्क्वाड्रन से हैं। यह वाक्या उस वक्त का है जब छठे और फाइनल टर्म आर्मी कैडेट चिराग अरोड़ा और उनका जूनियर देवेश अरोड़ा क्रॉस कंट्री रेस में हिस्सा ले रहे थे। रेस के दौरान देवेश घायल हो गए लेकिन चिराग ने देवेश को अपनी पीठ पर लाद लिया और 500 मीटर तक दौड़े उन्होंने अपनी दौड़ 55 मिनट में पूरी की।

हर 6 महीने में आयोजित की जाती है ‘क्रॉस कंट्री रेस’

फोटो: google

अकेडमी की तरफ से हर 6 महीने में क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन किया जाता है। इसमें पहले टर्म के कैडेट्स को छोड़ अन्य सभी का भाग लेना जरूरी होता है। इस रेस के दौरान चिराग नहीं चाहते थे कि उनके स्क्वॉड्रन कैडेट अपने अंक गंवाए। इसलिए उन्होंने अपने जूनियर को अपनी पीठ पर लादकर दौड़ने का फैसला किया।

अधिकारियों के अनुसार अकेडमी में प्रवेश के समय एक कैडेट को 18 में से एक स्क्वॉड्रन अलॉट किया जाता है जो मिलिट्री ट्रेनिंग के 3 वर्षों के दौरान किसी भी कैडेट के लिए घर जैसा होता है।

गौरतलब है कि सबसे बेहतर स्क्वॉड्रन को प्रतिष्ठित इंटर स्क्वॉड्रन चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की जाती है। यह टीम वर्क और टीम भावना को दर्शाता है, इसलिए हर स्क्वॉड्रन के लिए यह क्रॉस कंट्री रेस महत्वपूर्ण होती है।

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