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स्पेशल रिपोर्ट: थाई नौसेना के साथ भारत की संयुक्त गश्ती

थाई नौसेना के साथ गश्ती

नई दिल्ली। भारत और थाईलैंड के नौसैनिक पोतों ने साझा समुद्री इलाके में 18 से 20 नवम्बर तक साझा गश्ती की है। इंडो थाईलैंड कोआर्डिनेटेड पेट्रोल (इंडो- थाई कोरपैट) के तीसवें संस्करण में भारतीय नौसेना की ओर से स्वदेशी मिसाइल कार्वेट आईएनएस कार्मुक और थाईलैंड की ओर से फ्रिगेट क्राबुरी ने भाग लिया। इन पोतों के साथ दोनों नौसेनाओं के समुद्र गश्ती विमान डार्नियर ने भी भाग लिया।





यहां नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार के सागर (SAGAR– Security and Growth For All in the Region) कार्यक्रम के तहत भारतीय नौसेना हिंद महासागर के इलाके में विशेष आर्थिक क्षेत्र की चौकसी, मानवीय सहायता, आपदा सहायता और अन्य क्षमता विकास गतिविधियों में तटीय देशों के आग्रह पर उनके साथ सहयोग करती रही है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत और थाईलैंड के बीच निकट का दोस्ताना रिश्ता रहा है जो विभिन्न क्षेत्रों में मजबूती देता रहा है।

अपने समुद्री सम्पर्कों को गहराई देने के लिये दोनों नौसेनाएं 2005 से ही अपनी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के निकट साल में दो बार अभ्यास करती रही हैं। इसका इरादा हिंद महासागर के इस इलाके में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारको सुरक्षा प्रदान करना है। कोरपैट के जिरिये नौसेनाओं के बीच परस्पर समझ और तालमेल विकसित करने और गैरकानूनी तौर पर मछली पकडने , मादक द्रव्यों की तस्करी , समुद्री आतंकवाद और समुद्री डाकाजनी को रोकने के लिये आपसी सहयोग विकसित किया जाता है। इसके अलावा समुद्र में खोज एवं बचाव कार्य भी किये जाते हैं। कोरपैट के 30 वें संस्करण के जरिये भारत और थाईलैंड की नौसेनाओं के बीच मजबूत सम्बन्ध विकसित होंगे।

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