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Special Report: स्वदेशी स्टील्थ कार्वेट को नौसेना में किया गया शामिल

आईएनएस कवाराती

नई दिल्ली। दुश्मन की पनडुब्बियों का काल बनने वाले स्वदेशी स्टील्थ कार्वेट आईएनएस कवाराती को थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे ने विशाखापतनम नौसैनिक अड्डे पर भारतीय नौसेना में कमीशन किया।





कमोर्ता वर्ग की इस स्टील्थ पनडुब्बी का निर्माण प्रोजेकेट-28 के तहत किया गया है। इस युद्धपोत का स्वदेशी डिजाइन नौसेना के अपने डिजाइन संगठन डायरेक्टोरेट आफ नेवल डिजाइन द्वारा किया गया है और इसका निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा किया गया है। नेवल डाकयार्ड विशाखापतनम पर आय़ोजित एक आकर्षक समारोह में नौसेना के वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन, पूर्वी नौसैनिक कमांड के फ्लैग आफीसर कमांडिंग इन चीफ और जीआरएसई के चेयरमैन रियर एडमिरल बिपिन कुमार सक्सेना और अन्य आला अधिकारी मौजूद थे।

नौसेना के जेटी पर पहुंचने पर थलसेना प्रमुख को सलामी गारद पेश की गई। इस पोत का नाम लक्षद्वीप द्वीप समूह की राजधानी पर रखा गया है। 3300 टन विस्थापन क्षमता वाला यह पनडुब्बी नाशक युदधपोत 109 मीटर लम्बा और 14 मीटर चौडा है। इस पोत में अधिकांश हिस्सा देश में ही बना है जिससे आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य हासिल हुआ। यह पोत परमाणु, जैविक और रासायनिक हमले की स्थिति में सक्रिय रह सकता है। इस पोत में दुश्मन के पोतों की टोही प्रणाली से बचने की श्रेष्ठ क्षमता है जिसकी वजह से इसे स्टील्थ पनडुब्बी की संज्ञा दी गई है।

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