Navy

स्पेशल रिपोर्ट: भारत का पहला स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट नीलगिरी हुआ लॉन्च

नौसेना का नीलगिरी

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुम्बई की मझगांव गोदी पर शनिवार को भारतीय नौसेना के लिये बनाये जा रहे पहले स्टील्थ फ्रिगेट नीलगिरी का जलावतरण किया। मझगांव गोदी ऐसे सात अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट बना रही है।





इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय नौसेना को आधुनिक बनाने के लिये पूरी कोशिश कर रही है।  नौसेना के पोतों को आधुनिकतम  हथियारों और सेंसरों से लैस किया जाएगा जो भारतीय समुद्री हितों को चोट पहुंचाने वाले किसी भी पारम्परिक या गैरपारम्परिक खतरे से मुकाबला करने में सक्षम होगी। आईएनएस नीलगिरी को लांच करने के मौके पर रक्षामंत्री ने कहा कि  भारत का  लागत  के हिसाब से 70 प्रतिशत  व्यापार और मात्रा के हिसाब से 95 प्रतिशत व्यापार समुद्र के जरिये होता है। समुद्री डाकाजनी, आतंकी हमले या लड़ाई के जरिये समुद्री व्यापार में मामूली भी बाधा पैदा होती है तो इससे भारत के राष्ट्रीय हितों और इसकी अर्थव्यवस्था पर काफी प्रतिकूल असर पड़ेगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से विकास कर रहा है और इसके व्यापारिक हित काफी विस्तार ले रहे हैं। लेकिन पड़ोसी इलाके में दुश्मानगत रखने वालों की वजह से  हमारे सामने भारी चुनौतियां हैं।  उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा प्रायोजित आतंकवाद एक चुनौती बना हुआ है और एक मजबूत संकल्प वाली सरकार देश के हित में कोई भी कदम उठाने से नहीं हिचकेगी।  संविधान के अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त करने वाला फैसला ऐसा ही एक फैसला था। उन्होंने भरोसा जाहिर किया कि इस कदम से जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के इलाके में विकास और समृधि का नया युग शुरु होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की विश्वसनीय सुरक्षा स्वदेशी रक्षा क्षमता पर निर्भर करती है।  रक्षा मंत्री ने बताया कि नेवल शिप  डिजाइन निदेशालय ने  19 विभिन्न किस्मों के युद्धपोतों का डिजाइन किया है जिनके आधार पर देश में 90 से अधिक पोत बनाए जा सके हैं।  उन्होंने कहा कि भारत आज उन खास चुनिंदा देशों में शामिल है जो अपना विमानवाहक पोत और सामरिक पनडुब्बियां बनाता है।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न शिपायार्डों में 51 पोतों के आर्डर पर काम चल रहा है। इसमें से 49 का निर्माण स्वदेशी गोदियों में ही हो रहा है। इससे 2025 तक हमारे देश को पांच ट्रिलियन डालर वाली अर्थव्यवस्था के तौर पर विकसित करने में भारी योगदान मिलेगा। इससे 2027 तक रक्षा मामलों में भारत को 70 प्रतिशत स्वदेशीकरण करने का लक्ष्य हासिल हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि एक जीवंत पोत निर्माण उद्योग देश के आर्थिक विकास में भारी योगदान करेगा। रक्षा मंत्री के मुताबिक केवल एक फ्रिगेट के बनने से ही  आठ साल तक के लिये 48 सौ लोगों को सीधा रोजगार और 27 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है। इससे राष्ट्र निर्माण को भारी बढ़ावा मिलता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि हिंद महासागर विश्व गतिविधियों का ध्रुव बनता जा रहा है इसलिये पूरी दुनिया भारत को इस इलाके में सुरक्षा प्रदाता के तौर पर देखती है। उन्होंने कहा कि भारत की बढती सामरिक अहमियत को देखते हुए नौसेना की भूमिका काफी बढ़ जाती है।

Comments

Most Popular

To Top