Navy

Special Report: भारत, जापान व अमेरिकी नौसेनाएं दिखाएंगी अपनी ताकत का जलवा

मालाबार नौसैनिक अभ्यास

नई दिल्ली। जापान के समुद्री इलाके में भारत, जापान औऱ अमेरिका फिर अपनी सामरिक औऱ सैन्य साझेदारी का संयुक्त प्रदर्शन करेंगे। तीनों देशों के बीच 26 सितम्बर से साझा नौसैनिक अभ्यास मालाबार शुरू होगा जो  04 अक्टूबर तक चलेगा। इस  साझा अभ्यास में तीनों देशों की नौसेनाओं  के अग्रणी युद्धपोत और नौसैनिक टोही व लड़ाकू विमान भाग लेंगे।





गौरतलब है कि इस त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के साथ ही भारत, जापान, अमेरिका और आस्ट्रेलिया के 04 देशों  के समूह  जिसे क्वाड यान चतुर्पक्षीय गुट कहा गया है, के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक न्ययार्क में हो रही है।

मालाबार-2019 में  त्रिपक्षीय साझा नौसैनिक अभ्यास में भारतीय नौसेना अपने आधुनिकतम स्वदेशी युद्धपोत गाइडेड  मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस  सह्याद्री  और पनडुब्बी नाशक पोत कार्वेट आईएनएस किलटन  के अलावा लम्बी दूरी तक उड़ान भरने वाले समुद्र टोही विमान पी-8-आई को भी उतार रही है। अभ्यास में भाग ले रही भारतीय नौसैनिक टीम की अगुवाई पूर्वी नौसैनिक बेडे के फ्लैग आफीसर कमांडिंग रियर एडमिरल सुरज  बेरी कर रहे हैं। भारतीय नौसैनिक दल जापान के सासेबो नौसैनिक अड्डे पर मंगलवार को पहुंचा।

अभ्यास में अमेरिकी नौसेना लास एंजेल्स वर्ग की  हमलावर पनडुब्बी  यू एस एस  मैककैम्बेल  और अपने समुद्र टोही विमान पी-8-ए को उतारा है। जापान समुद्री आत्मरक्षा बल के नाम से ज्ञात जापानी नौसेना ने अपने  इजुमो वर्ग के हेलीकाप्टर विध्वंसक पोत  जे एस कागा और गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत  जे एस समीदारे और चौकाई के अलावा  पी-1 लम्बी दूरी के समुद्र टोही  विमान को अभ्यास में उतारा है।

इस अभ्यास के बारे में यहां नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि  भारत, जापान औऱ अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय नौसैनिक सहयोग गहरा होगा  और साझा मूल्यों औऱ सिद्धांतों के आधार पर  आपसे तालमेल को बढ़ावा मिलेगा।  यह अभ्यास पनडुब्बी नाशक युद्ध पर जोर देगा।  अभ्यास के दौरान सतही पोतों,  पानी के नीचे औऱ हवाई क्षेत्र में नौसैनिक समाघात प्रक्रियाओं को व्यवहार में लाया जाएगा।  इस दौरान विमान भेदी और  सतही पोतों के  खिलाफ हमले होंगे।

अभ्यास के दौरान समुद्र में किसी संदिग्ध  व्यापारिक पोत के  औचक निरीक्षण का अभ्यास होगा। यह अभ्यास  समुद्री हस्तक्षेप की कार्रवाई के तहत होगा जिसे विजिट, बोर्ड,  सर्च एंड सीजर( वी बी एस एस)  नाम से जाना जाता है।

अभ्यास के अलावा तीनों देशों की नौसेनाएं एक दूसरे के पोतों पर प्रोटोकाल दौरे करेंगे, आपसी महत्व के पेशेवर  मसलों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे  और खेल व सामाजिक गतिविधियों का आयोजन भी होगा।  भारतीय नौसैनिक अधिकारी के मुताबिक इस त्रिपक्षीय अभ्यास से  पूरे क्षेत्र में शांति , सुरक्षा और स्थिरता में योगदान मिलेगा।

 हालांकि भारतीय नौसेना ने इस साझा त्रिपक्षीय  मालाबार अभ्यास को 23वां संस्करण बताया है लेकिन तीनो नौसेनाओं के बीच साझा अभ्यास का सिलसिला साल 2015 में ही शुरू हुआ था। इसके पहले भारत और अमेरिका के बीच दिवपक्षीय मालाबार अभ्यास साल 1992 से शुरू किया गया था।

Comments

Most Popular

To Top