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स्पेशल रिपोर्ट: हिंद महासागर में चीन नहीं कर रहा है हलचल

करमबीर सिंह
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में चल रही सैन्य तनातनी के बीच चीन की नौसेना की हिंद महासागर में गतिविधियां नहीं देखी गई हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने यहां नौसेना दिवस के मौके पर सालाना प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिंद महासागर में चीन के नौसैनिक पोतों ने भारतीय समुद्री इलाके का अतिक्रमण नहीं किया है।





सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि चीन की नौसेना के केवल तीन पोत विचरण कर रहे हैं जो समुद्री डाकुओं पर नजर रखने के लिये पहले से तैनात हैं। नौसेना प्रमुख ने कहा कि हिंद महासागर में सभी हलचल पर पूरी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाके में चीनी सेना द्वारा घुसपैठ और कोविड महामारी के बीच अपनी पूरी सक्रियता दिखाना नौसेना के सामने दोहरी चुनौती है।

सवालों के जवाब में नौसेना प्रमुख ने इन रिपोर्टो की पुष्टि की कि नौसेना ने अमेरिका की जनरल एटोमिक्स कम्पनी से दो प्रिडेटर ड्रोन लीज पर लिये हैं। नौसेना ऐसे दस ड्रोन लेना चाहती है। तीनों सेनाओं ने ऐसे ड्रोन हासिल करने की जरूरत बताई है इसलिये तीनों सेनाओं के लिये तीस ड्रोन लिये जाने हैं। नौसेना ने डोन लीज पर लिये गए हैं वे उत्पादन पूर्व माडल हैं। बाद में तीनों सेनाओं को जो 30 ड्रोन सप्लाई किये जाएंगे वे फाइनल डिजाइन के होंगे और नई मारक क्षमताओं से लैस होंगे। सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि हालाकि ये डोन सागरीय चौकसी के लिये लिये गए हैं लेकिन वायुसेना और थलसेना तो जरूरत पड़ी तो पूर्वी लद्दाख के इलाके में भी भेजे जा सकते हैं।

नौसेना के लिये 06 नई पनडुब्बियों को हासिल करने की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रस्ताव तैयार हो रहा है और जल्द ही नौसेना रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ( डीएसी ) के पास प्रस्ताव पेश करेंगे। ये पनडुब्बियां कब तक नौसेना को मिलेगी इस बारे में उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कहा कि नौसेना इन्हें हासिल करने की कड़ी कोशिश कर रही है।

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