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स्पेशल रिपोर्ट: विमानवाहक पोत विक्रांत का जून तक शुरू होगा समुद्री परीक्षण

आईएनएस विक्रांत
फाइल फोटो

नई दिल्ली। भारत में बन रहे स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत का इस साल के मध्य से समुद्री परीक्षण शुरू हो जाएगा।  समुद्री परीक्षण के पहले पोत का बेसिन परीक्षण  होता है जो कुछ महीनों के भीतर ही शुरू करने की योजना है।





यहां रक्षा अधिकारियों के मुताबिक इस पोत का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरणों में है और जल्द ही इस पर तैनात होने वाले सभी उपकरणों औऱ संयंत्रों का परीक्षण पूरा होगा ।

आईएसी पी-71 नाम के इस पोत के निर्माण कार्यों की समीक्षा  रक्षा सचिव अजय कुमार की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त शीर्ष समिति (ईएसी) की  कोच्चि शिपयार्ड में आयोजित बैठक के दौरान हुई। ईएसी की यह 13वीं समीक्षा बैठक थी। इस पोत के निर्माण के लिये फेज-3 का करार 31 अक्टूबर, 2019 को सम्पन्न हुआ था। इस बैठक में रक्षा सचिव के साथ  नौसेना के वाइस चीफ वाइस एडमिरल अशोक कुमार, चीफ आफ मेटीरियल वाइस एडमिरल  जीएस पैबी, युद्धपोत उत्पादन के कंट्रोलर वाइस एडमिरल एसआर शर्मा  के अलावा नौसेना मुख्यालय और रक्षा मंत्रालय के अन्य आला अधिकारी मौजूद थे।

अघिकारियों के मुताबिक विक्रांत पोत के सभी चार गैस टरबाइन और मेन इंजन चालू कर दिये गए हैं । आठ डीजल अल्टरनेटर वाली बिजली उत्पादन प्रणालियों को भी चालू कर दिया गया है।

करीब 45 हजार टन विस्थापन क्षमता वाले इस पोत का डिजाइन का काम 1999 में शुरू किया गया था। इसका वास्तविक निर्माण कार्य  फरवरी, 2009 में कील डालने के बाद शुरु हुआ। दिसम्बर, 2011 में  इस पोत को सुखी गोदी से पानी में भेजा गया।  12 अगस्त, 2013 को इस पोत को लॉन्च किया गया। इस पोत के निर्माण पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत आने की सम्भावना है।

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