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चीन से चुनौती के बीच घातक पनडुब्बी उतारने की तैयारी में…

आईएनएस कलवरी

नई दिल्ली। डोकलाम मामले को लेकर चीन के साथ जारी गतिरोध के मद्देनजर भारत अपना घातक पनडुब्बी आईएनएस कलवरी को समुद्र में उतारने की तैयारी में जुट गया है। भारतीय नौसेना कई साल इंतजार के बाद अपने बेड़े में आईएनएस कलवरी को शामिल करेगा। यह सबमरीन दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों से लैस है जिसकी खासियत गुप्त तरीके से वार करने की है।





ब्लूमबर्ग की खबर के अनुसार, समुद्र के अंदर लड़ने की अपनी कमजोर होती क्षमताओं को फिर से मजबूत बनाने में जुटे भारत के लिए नौसेना में शामिल होने जा रही यह स्कॉर्पीन से इंडियन नेवी को बल मिलेगा। भारत ने इस तरह की छह पनडुब्बियों का ऑर्डर दिया है और आईएनएस कलवरी उनमें से पहली है। चीन के पास समुद्री बेड़े में 60 पनडुब्बियां है जबकि भारत के पास महज 15 पनडुब्बियां हैं। भारत हिंद महासागर में चीन की इसी बढ़ती ताकत को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती के तौर पर देख रहा है।

ये हैं सबमरीन कलवरी की खासियत

  • अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कॉर्पिन चकमा देने में माहिर है और गाइडेड हथियारों के माध्यम से दुश्मनों पर वार करने में सक्षम है।
  • स्कॉर्पिन पानी के अंदर तथा सतह पर टॉरपीडो, एंटी-शिप मिसाइल के माध्यम से वार कर सकता है।
  • कलवरी वर्ग भारतीय नौसेना के लिए बनाए जाने वाले स्कॉर्पिन श्रेणी की पनडुब्बी पर आधारित पनडुब्बियों का एक श्रेणी है।
  • यह डीजल-इलेक्ट्रॉनिक हमले पनडुब्बी का एक वर्ग है, जिसे फ्रांसीसी नौसैनिक रक्षा और ऊर्जा कंपनी DCNS द्वारा डिजाइन किया गया है और मुंबई में माज़गन डॉक लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है।
  • 2005 में भारतीय नौसेना ने स्कॉर्पिन डिजाइन को चुना था।

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