Forces

भारतीय नौसेना का वैज्ञानिक अनुसंधान पोत INS ‘सागरध्वनि’

INS 'सागरध्वन

नई दिल्ली। वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े भारतीय नौसेना के पोत ‘आईएनएस सागरध्वनि’ ने 200 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर लिया है। इस मौके पर नौसेना की दक्षिणी कमान और नेवल फिजीकल एंड ओसनोग्राफिक लैबोरेटरी (एनपीओएल) ने सोमवार को कोच्चि में एक विशेष आयोजन किया। इस अवसर पर दक्षिणी नौसैनिक कमान के अध्यक्ष रियर एडमिरल आरजे नादकर्णी मुख्य अतिथि थे।





इस मौके पर आईएनएस सागरध्वनि के 200 वैज्ञानिक मिशनों पर एक मोनोग्राफ भी जारी किया गया। एंटी सबमरीन वॉरफेयर के लिए ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधानों की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। सागर-विज्ञान, भू-भौतिकी और पानी के भीतर ध्वनियों के संचरण का अध्ययन इसका महत्वपूर्ण कारक है।

पिछले 23 वर्ष में आईएनएस सागरध्वनि ने अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास कई प्रकार के परीक्षण किए हैं। उसकी खोजों के आधार पर कई तरह की नई तकनीकें विकसित की गईं हैं। ये तकनीकें पानी के भीतर टोही गतिविधियों से जुड़ी हैं।

आईएनएस सागरध्वनि प्रारंभिक स्वदेशी अनुसंधान पोतों में से एक है। यह 85 मीटर लंबा और 13 मीटर चौड़ा है। इसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, कोलकाता ने तैयार किया है। इसे 30 जुलाई 1994 को कमीशन किया गया था। डीआरडीओ के लिए इस पोत का संचालन नौसेना करती है। यह नौसेना की दक्षिणी कमान से संबद्ध है।

Comments

Most Popular

To Top