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स्पेशल रिपोर्ट: मालाबार नौसैन्य अभ्यास का पहला चरण 3 से 6 नवंबर तक

मालाबार नौसैन्य अभ्यास
फाइल फोटो

नई दिल्ली। चार देशों भारत, आस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान को साथ लेकर चलने वाला साझा अभ्यास मालाबार बंगाल की खाड़ी में तीन नवम्बर से शुरू हो गया। इस साझा अभ्यास में पहली बार आस्ट्रेलिया को भी शामिल किया गया है। 2015 से यह साझा नौसैनिक त्रिपक्षीय स्तर पर भारत, अमेरिका और जापान के बीच चल रहा था। इसके पहले यह साझा अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच 1992 से चला।





इस चर्तुपक्षीय अभ्यास को उक्त चारों देशों के बीच नये उभरते सैन्य गठजोड के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि चारों देश क्वाड यानी चर्तुपक्षीय गुट के सदस्य हैं और चारों का इरादा चीन की बढती विस्तारवादी नीतियों से मुकाबला करना है। इस अभ्यास के पहले चरण में भारतीय नौसेना के विध्वंसक युद्धपोत रणविजय , फ्रिगेट शिवालिक , समुद्र तटीय गश्ती पोत सुकन्या , फ्लीट सपोर्ट शिप शक्ति और पनडुब्बी सिंधुराज को उतारा है।

अमेरिका ने इस युद्धाभ्यास में गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत जान मैकेन के अलावा आस्ट्रेलिया और जापान ने भी अपने अग्रणी पोत भेजे हैं। इस अभ्यास में भारतीय नौसैना की अगुवाई रियर एडमिरल संजय वातसायन कर रहे हैं जो भारत के पूर्वी नौसैनिक कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग हैं। यह अभ्यास बिना कोई आपसी सीधा सम्पर्क के बीच समुद्र में चलाया जा रहा है। पहले चरण का अभ्यास 06 नवम्बर तक चलेगा।

यहां नौसेना के प्रवक्ता ने बतायाकि यह अभ्यास चारों देशों के बीच समान मान्यताओं पर आधारित है जो नियम आधारित विश्व व्यवस्था , समावेशी और खुला हिंद प्रशांत की अवधारणा पर आधारित है। पहले चरण के अभ्यास मेंजटिल पनडुब्बी नाशक और आसमानी युदध की प्रक्रियाएं शामिल की गई हैं।

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