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शोपियां फायरिंग मामले में मेजर आदित्य के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार

नई दिल्ली। जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में पत्‍थर फेंकने वाली भीड़ पर फायरिंग मामले में एफआईआर (FIR) के बाद मेजर आदित्य के पिता ने सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया है। पिता ने सर्वोच्च अदालत से अपील की है कि उनके बेटे पर दर्ज एफआईआर रद्द की जाए। इस मामले पर शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई होनी है।





गौरतलब है कि सेना पहले ही मेजर आदित्य और उनकी टीम के इस मामले में निर्दोष होने का भरोसा जता चुकी है। इससे पहले मानवाधिकार आयोग में भी सैनिकों के बच्चों ने पत्थरबाजों के खिलाफ सेना के मानवाधिकार रक्षा की अपील की है। मेजर आदित्य के पिता ने अब एफआईआर को रद्द करने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत में गुहार लगाई है। सेना ने भी दावा किया है कि शोपियां फायरिंग में मेजर आदित्य और उनकी टीम ने पत्थरबाजों के खिलाफ सेल्फ डिफेंस में ही गोली चलाई थी।

यह था मामला 

आपको बता दें कि 27 जनवरी को शोपियां में पत्‍थर फेंकती भीड़ पर फायरिंग करने के दौरान मेजर आदित्य की टीम ने अपनी सुरक्षा में फायरिंग कर दी थी जिसमें दो कश्‍मीरी नागरिकों की मौत हो गई थी। जिसके विरोध में जम्‍मू-कश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस मामले में जांच करने और पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिसमें मेजर आदित्‍य के खिलाफ राज्‍य पुलिस ने कातिलाना हमले की धारा 307 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

10,000 मामलों में दी गई है  माफी

हाल ही में जम्मू-कश्मीर सरकार ने पत्थरबाजी सहित लगभग 10,000 मामले वापस लिए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब इतने बड़े स्तर पर माफी दी गई है। इन आरोपियों में से अधिकतर युवा और पहली बार पत्थर फेंकने वाले हैं और उनके खिलाफ कोई अन्य गंभीर मामले दर्ज नहीं हैं।

सरकार का कहना है कि अमूमन पत्थरबाजी करने वालों को नहीं छोड़ा जाता है, यह माफ़ी एक प्रयास है उन युवाओं के लिए जो पत्थरबाजी में शामिल थे इस माफ़ी का उद्देश्य युवा पत्थरबाजों को सुधरने का एक मौका देना है ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें।

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