Air Force

AESA रेडार के साथ विमान जैगुआर दारिन-3 ने भरी उड़ान

जैगुआर डारिन-3 विमान

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के पहले अपग्रेडेड जैगुआर दारिन-3 लड़ाकू विमान ने गुरुवार को उड़ान भरी। विमान का यह अपग्रेड एचएएल ने किया है। विमान में एडवांस्ड AESA रेडार के अलावा 28 नए सेंसर लगाए गए हैं। इसमें अब मल्टी टार्गेट ट्रैकिंग फ्रीक्वेंसी एजिलिटी, ऑपरेशन की ज्यादा ऊंची बैंडविड्थ और इंटरलीव्ड मोड ऑफ ऑपरेशन की सुविधा बढ़ गई है। इन उपकरणों के लगने से इन विमानों का जीवन तकरीबन एक दशक के लिए बढ़ गया है।





एचएएल और इजरायली फर्म एल्टा ने इस विमान के ग्राउंड ट्रायल्स फरवरी में ही पूरे कर लिए थे। इसमें एल्टा का AESA रेडार लगाया गया है। वायुसेना ने इस अपग्रेड पर संतोष व्यक्त किया है। इसे पिछले साल नवंबर में IOC (इनीशियल ऑपरेशनल क्लियरेंस) दे दी गई थी।

इस अपग्रेड में एवियॉनिक्स का आधुनिकतम आर्किटेक्चर OSAMC, एंजिन एंड फ्लाइट इंस्ट्रूमेंट सिस्टम (EFIS), फायर कंट्रोल रेडार, जीपीएस के साथ इनर्शियल नेवीगेशन सिस्टम और जियोडेटिक हाइट करेक्शन लगाया गया है।

विमान में सॉलिड स्टेट डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम (SSDVRS), सॉलिड स्टेट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर(SSFDR), स्मार्ट मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले (SMD), 20,000 फुट की रेंज का रेडियो अल्टीनीटर, ऑल्ट सिलेक्ट के साथ ऑटोपायलट और आइडैंटिफ़िकेशन ऑफ फ्रेंड एंड फो (IFF) प्रणाली भी लगाई गई है।

Comments

Most Popular

To Top