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भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट बन शुभांगी ने ऐसे रचा इतिहास

नई दिल्ली।  भारत की एक और बेटी ने इतिहास रच दिया है। भारतीय नौसेना ने शुभांगी स्वरूप को पहली महिला पायलट के तौर पर कमीशन किया  है। जिसके बाद शुभांगी को नौसेना की पहली महिला पायलट बनने का गौरव हासिल हुआ है।
बुधवार को केरल के कन्नूर के एझीमाला में आयोजित इंडियन नेवल अकेडमी की पासिंग आउट परेड में 328 कैडेट शामिल हुए इसमें इंडियन कोस्ट गार्ड सहित दो ओवरसीज कैडेट भी शामिल थे । ओवरसीज कैडेट में तंजानिया और मालदीव के कैडेट थे। शुभांगी के साथ तीन और जिन महिलाओं ने नेवी में महिला ऑफिसर्स होने का गौरव प्राप्त किया है वे हैं दिल्ली की आस्था सहगल, पुडुचेरी की रूपा ए और केरल की शक्ति माया एस।
टोही विमानों के लिए की जा सकती है तैनाती 
कहा जा रहा है कि उन्हें टोही विमानों के लिए तैनात किया जा सकता है। आस्था सहगल ने कहा कि नेवी के इतिहास में यह भी पहली बार होगा जब नेवल अर्मामेंट इंस्पेक्शन ब्रांच में अधिकारी के तौर पर शामिल किया जाएगा। इस बदलाव के बाद भारतीय महिलाओं को एक अलग तरह की पहचान मिल सकेगी।
पहली महिला पायलट बनने के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली शुभांगी स्वरूप ने कहा कि यह सिर्फ एक रोमांचक अवसर नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है। शुभांगी विशेष ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद के Dundigal एयरफोर्स अकादमी  भी जाएंगी। महिलाओं को दी जा रही जिम्मेदारियों के बाद चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि इंडियन नेवी में महिलाओं को हालांकि 1991 में ही एंट्री मिल गई थी पर शुभांगी, आस्था सहित नई लड़कियों की इस पहल के बाद महिलाएं तेजी से नेवी में शामिल होंगी। कार्यक्रम में एडमिरल ने 9 बेहतरीन मिडशिपमेन और कैडेट को मेडल से सम्मानित भी किया ।

रक्षक न्यूज की राय:

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की रहने वाली शुभांगी स्वरूप का नेवी में पायलट के रूप में चुना जाना महिलाओं के लिए गर्व की बात है। सेना के हर विंग में पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर महिलाएं जिस तरह वे देश की सेवा कर रही है वह प्रशंसनीय है। शुभांगी की जी तोड़ तथा निष्ठा भरी मेहनत देश की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।





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