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स्पेशल रिपोर्ट: भारत देगा भूटान को 4,500 करोड़ रुपये की मदद, प्रधानमंत्री ने किया ऐलान

भूटान के प्रधानमंत्री डा. लोटे

नई दिल्ली। चीन और भारत के बीच  स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण भूटान को भारत 4,500 करोड़ रुपये का योगदान देगा। यह राशि भूटान की 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिये  देने का ऐलान भूटान के प्रधानमंत्री डा. लोटे शेरिंग से हुई बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां किया।





भूटान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री लोटे 27 से 29 दिसम्बर तक अपने पहले विदेश दौरे पर यहां आए हैं। 2018 को भारत औऱ भूटान के बीच राजनयिक सम्बन्धों की स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान में तीसरे आम चुनावों के सफल संचालन के लिये  भूटान सरकार को अभिनंदन करते हुए प्रधानमंत्री लोटे को बधाई दी। डा.लोटे को अपनी पहली विदेश यात्रा के लिये भारत को चुनने के लिये धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि चार साल पहले भी जब वह प्रधानमंत्री  बने थे तब उन्होंने भी अपनी पहली विदेश यात्रा भूटान की की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक दूसरे के साथ सहयोग मजबूत करने के लिये हमारी साझा प्रतिबद्धता का यह प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान को भरोसा दिया कि भूटान  के विकास में भारत हमेशा की तरह एक भरोसेमंद मित्र और साझेदार की भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री लोटे से बातचीत के दौरान मौजूदा पनबिजली परियोजनाओं की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने बताया कि मांगदेछू पनबिजली परियोजना पर काम जल्द पूरा होने वाला है। उन्होंने बताया कि अन्य सभी परियोजनाओं पर भी काम संतोषजनक तरीके से चल रहा है।  भूटान द्वारा अपने यहां रुपे कार्ड (RuPay Card) को लांच करने के फैसले की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच जनता स्तर पर सम्पर्क और मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा भूटान में लगाया जाने वाला ग्राउंड स्टेशन का काम ठीक चल रहा है। यह साउथ एशिया सेटेलाइट भारत ने दक्षिण एशियाई सेटेलाइट से जुड़ा होगा। इस प्रोजेक्ट से भूटाने दूरदराज के इलाकों में टेलीमेडिसिन, मौसम और आपदा राहत में भारी मदद करेगा।

भूटान के प्रधानमंत्री का यहां राषट्रपति भवन में प्रधानमंत्री मोदी ने औपचारिक स्वागत किया।  डा. लोटे इसके बाद महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उनसे मुलाकात कर आपसी रिश्तों पर बात की।

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