DEFENCE

और गहरा होगा भारत-चीन का रिश्ता, पहचाने गए दस क्षेत्र

सुषमा स्वराज की चीन के विदेश मंत्री के साथ बैठक

नई दिल्ली। गत अप्रैल माह में चीन के वूहान शहर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिन फिंग के बीच हुई अनौपचारिक शिखर बैठक के बाद दोनों देश आपसी रिश्तों को जनता के बीच ले जाने के विभिन्न कार्यक्रमों को अब जमीन पर उतारने लगे हैं। इस इऱादे से यहां चीन के विदेश मंत्री और सटेट काउंसेलर वांग ई और भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बीच दो घंटे तक गहन बातचीत हुई जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी रिश्तों को जनता स्तर पर गहरा करने के लिये दस क्षेत्रों की पहचान की।





इस इरादे से दोनों देशों ने विदेश मंत्रियों की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय व्यवस्था की बैठक यहां शुक्रवार को सम्पन्न हुई। इस बातचीत के बाद दोनों विदेश मंत्रियों ने दस क्षेत्रों का ऐलान किया। ये क्षेत्र हैं- सांस्कृतिक आदान प्रदान, फिल्म, टेलीविजन, खेल, युवा आदान प्रदान, पर्यटन , राज्यों-शहरों के बीच सम्पर्क, परम्परागत औषधि , शैक्षणिक सहयोग।

विदेश मंत्री स्वराज ने कहा कि वैसे तो वह चीनी विदेश मंत्री से कई बार मिल चुकी हैं लेकिन नवीनतम बैठक काफी अनोखी थी। ताजा बैठक पिछली बैठकों से अलग थी जिसमें केवल दो विषयों- सांस्कृतिक आदान प्रदान और लोगों के बीच आपसी सम्बन्ध मजबूत करने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह बैठक वूहान में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी के बीच हुई शिखर बैठक की पृष्ठभूमि में हुई। वास्तव में मोदी और शी ने आज की बैठक की नींव रखी थी।

दोनों विदेश मंत्रियों ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने में मीडिया की भी अहम भूमिका होती है। सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत औऱ चीन की राजनीतिक व्यवस्था में अंतर है लेकिन हमारे लक्ष्य एक समान हैं। उन्होने कहा कि वूहान के बाद हमारे सम्बन्धों में विकास हुआ है।

सुषमा स्वराज ने कहा कि दोनों देशों को आपसी सम्पर्कों को सुदृढ़ करने के लिये अपने स्तर पर सरकारों प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस साल हमारे दि्वपक्षीय सम्बन्धों में अच्छी प्रगति हुई है और अगले साल चीन के राष्ट्रपति शी चिन फिंग का भारत आने का कार्यक्रम है।

चीन के विदेश मत्री वांग ई ने भारत औऱ चीन के राज्यों और शहरों के बीच सिस्टर सिटी का रिश्ता विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दो शहरों औऱ राज्यों के बीच विशेष रिश्ता विकसित होने से लोगों के बीच सम्बन्ध भी गहरे होंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच खेल औऱ शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग को गहरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत औऱ चीन के बीच सक्रिय सहयोग औऱ साझेदारी से दोनों देशों के 2.7 अरब लोगों को काफी लाभ होगा।

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