Air Force

Special Report: भारत-रूस की वायु और नौसेनाओं के बीच शुरू हुआ साझा अभ्यास

नेवी और एयरफोर्स का अभ्यास

नई दिल्ली। भारत औऱ रूस की वायु औऱ नौसेनाओं  के बीच  इस सप्ताह से  जोधपुर और विशाखापतनम में इन्द्र अभ्यास शुरू हुआ। जोधपुर में दोनों वायुसेनाओं के बीच इन्द्र-एविया और नौसेनाओं के बीच इन्द्र- नेवी विशाखापतनम में आयोजित हो रहा है।





रूसी महासंघ एरोस्पेस  फोर्स (RFSAF) और  भारतीय वायुसेना के बीच जोधपुर में अभ्यास आज (10 दिसंबर) से शुरू हुआ जो 21  दिसम्बर तक चलेगा।  दोनों वायुसेनाओं के बीच पहला  साझा अभ्यास 2014  में शुरू हुआ था।  अब यह अभ्यास दूसरी बार जोधपुर में होगा। यह अभ्यास दो चरणों में होगा। यह अभ्यास अपने में अनोखा इस मायने में है कि रूसी टीम अपने साथ कोई विमान नहीं लाई है।  गत 17  से 28  सितम्बर को  जब  भारतीय पायलट रूस के  लिपेत्स्क गए थे तब भी उन्होंने रुसी विमानों पर उडान भरी थी। भारत में रूसी पायलट भारतीय पायलटों के साथ उन विमानों पर उड़ान भरेंगे जो दोनों देशों की वायुसेनाओं में हैं। ये विमान सुखोई- 30  और मिग- 29  हैं।

दूसरी ओर विशाखापतनम में इन्द्र नेवी अभ्यास में भाग लेने के लिये रूसी नौसेना अपने युद्धपोत वरयाग, एड़मिरल पेंटेनियेव और बुरिस बुतोमा के  साथ पहुंची। बंगाल की खाड़ी में  यह अभ्यास दो चरणों में  होगा। हारबर फेज 9  से 12  दिसम्बर तक और सी फेज-  13  से 16 दिसम्बर तक चलेगा।

 इन्द्र-नेवी- 2018  के दौरान भारतीय नौसेना अपने  गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर रणवीर, स्वदेशी फ्रिगेट आईएनएस सतपुरा,  पनडु्ब्बी नाशक  युद्ध में भाग लेने वाला कार्वेट आईएनएस कदमत, डोर्नियर समुद्र टोही विमान,  मिसाइल कार्वेट कुठार और खंजर, हाक लड़ाकू विमान और फ्लीट टैंकर ज्योति  के अलावा सिंधुघोष वर्ग की पनडु्ब्बी भी उतारी गई है।

गौरतलब है कि भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने गत 26  से 29  नवम्बर तक रूस का दौरा किया था।  इस दौरान रूस के  साथ रक्षा सहयोग को गहरा करने के नये उपायों पर बातचीत हुई थी। भारत औऱ रूस की नौसेनाओं के बीच कई मोर्चों पर सहयोग औऱ आदान प्रदान होता है।

यहां नौसैनिक  प्रवक्ता के मुताबिक इन्द्र नेवी- 2018 के जरिये दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल बेहतर करने, आपसी सहयोग को गहरा करने और एक दूसरे पर भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे भारत और रूस के बीच लम्बे अरसे से चल रहे सौहार्दपूर्ण रिश्तों को और गहरा करने में मदद मिलेगी।

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