DEFENCE

भारत-चीन के सैनिकों की बीच 7-8 सितंबर को भी हुई थी गोलीबारी- रिपोर्ट

चीनी सेना
फाइल फोटो

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच एक नया खुलासा हुआ है। भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की 10 सितंबर को मास्को में हुई मीटिंग से पहले लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गोलीबारी हुई थी। भारत और चीन के सैनिकों के बीच ये गोलीबारी पेंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर दर्ज हुई है तथा चुशूल सेक्टर में हुई फायरिंग से अधिक गंभीर थी। एक अंग्रेजी अखबार ने इसका खुलासा किया है।





मीडिया को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना पेंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट पर फिंगर्स क्षेत्र पर हावी होने के दरम्यान हुई। अधिकारी के मुताबिक झील के उत्तरी छोर पर दोनों ओर से करीब 200 राउंड हवाई फायरिंग हुई थी। यह वारदात रिजलाइन पर हुई थी, जहां फिंगर-3 और फिंगर- 4 के इलाके मिलते हैं।

बता दें कि भारत और चीन ने 07 सितंबर  को चुशूल उप-सेक्टर में फायरिंग की घटना पर बयान जारी किए थे। अधिकारी ने कहा कि 45 वर्षों में यह पहली बार था कि एलएसी पर दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी की गई।

फिलहाल अभी तक दोनों देशों की ओर से पेंगोंग त्सो झील के किनारे हुए इस घटना के मद्देनजर कोई बयान नहीं दिया गया है। इसको लेकर माना जा रहा है कि ये चुशूल में हुई फायरिंग की घटना से अधिक बड़ी थी।

रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सितंबर के पहले हफ्ते में पेंगोंग त्सो झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर काफी हलचल हुई थी। कई बार गोलीबारी भी हुई। चीन सीमा पर तनाव अभी बरकरार है। चुशूल सेक्टर में कई जगहों पर भारत और चीन के सैनिक एक-दूसरे से सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर खड़े हैं। इस बीच दोनों देशों की सेना के अधिकारियों के बीच फिर से बातचीत होनी है।

 

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