DEFENCE

NDC डायमंड जुबली वेबिनार में विषय था ‘भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा: आगे का रास्ता’

एनडीएस में वेमिनार का समापन समारोह

नई दिल्ली। नेशनल डिफेंस कॉलेज के डायमंड जुबली समारोह के भाग के रूप में 5 और 6 नवंबर को आयोजित किए गए दो दिवसीय वेबिनार का समापन हो गया। वेबिनार में ‘भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा: आगे का रास्ता’ विषय पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर व्यापक परिप्रेक्ष्य के साथ रणनीतिक रूप से विचार-विर्मश करते हुए भागीदारी की।





अंतिम दिन के मुख्य आकर्षण के तौर पर चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ और उनके बाद सर्विस चीफ और गृह सचिव का संबोधन था। ‘भारत का सुरक्षा क्षितिज: आगामी दशक’ शीर्षक सत्र में अपने संबोधन में सीडीएस ने समकालीन चुनौतियों का सामना करने के लिए सशस्त्र बलों में किए जा रहे संरचनात्मक सुधारों पर प्रकाश डाला। सैन्य और नौकरशाही से प्रमुखों से रणनीतिक लाभ उठाने में राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज की भूमिका को रेखांकित करते हुए, उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण समय में पहल के लिए कॉलेज की सराहना की। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के लिए यह समय की आवश्यकता है कि वे परिवर्तन को अपनाते हुए अत्याधुनिक तकनीक को अपनाएं और अधिक परिचालन क्षमता का प्रदर्शन करें। इसके बाद नौसेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख और उपसेना प्रमुख ने भारत की भविष्य सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य के युद्धों में समुद्री, वायु और भूमि घटकों की उभरती भूमिकाओं के बारे में अवधारणात्मक दृष्टिकोण प्रदान किया। सत्र का समापन गृह सचिव एके भल्ला के संबोधन के साथ हुआ, जिन्होंने आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और केंद्र व राज्यों के बीच आपसी समन्वय के लिए की जा रही पहलों को रेखांकित किया।

वेबिनार का समापन रक्षा सचिव अजय कुमार के संबोधन के साथ हुआ। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कमांडेंट नेशनल डिफेंस कॉलेज एयर मार्शल डी चौधरी, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम ने अपनी भागीदारी के लिए वक्ताओं का आभार व्यक्त किया जिन्होंने स्पष्ट विचारों के साथ-साथ जटिल मुद्दों पर अपने अलग-अलग दृष्टिकोण प्रदान किए।

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