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सुदर्शन चक्र साबित होगी भारत की सुपरसोनिक ब्रह्मोस-2 मिसाइल

मथुरा। भारत में विकसित किया जा रहा ब्रह्मोस-2 मिसाइल सुदर्शन चक्र साबित होगी यानी यह अपना लक्ष्य पूरा कर वापस आ सकता है। ब्रह्मोस के जनक और सुप्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक एएस पिल्लई के मुताबिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का अगला वर्जन सुदर्शन चक्र की तरह होगा। जीएलए विवि के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल एएस पिल्लई ने पत्रकारों से बातचीत में ये बात कही।





बता दें कि दुनिया की अद्वितीय सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस -1 विकसित करने के बाद भारत अब ब्रह्मोस- 2 मिसाइल विकसित कर रहा है। यह अपने लक्ष्य को भेदकर वापस आ जाएगी और पुन प्रयोग की जा सकेगी। ब्रह्मोस- दो की गति 7 मैक यानी 8,643.6 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। अभी ब्रह्मोस प्रथम की गति 2.8-3 मैक यानी 3,400-3,700 किलो प्रति घंटा है।

हाइपरसोनिक मिसाइल भी विकसित कर रहा है भारत

डॉ. पिल्लई के मुताबिक भारत हाइपरसोनिक मिसाइल भी विकसित कर रहा है, जो ब्रह्मोस-2 से नौ गुना ज्यादा शक्तिशाली होगी। यह रडार की पकड़ में भी नहीं आ सकेगा। वैज्ञानिक प्रयासरत हैं कि इस मिसाइल का भी लक्ष्य भेदने के बाद फिर से इस्तेमाल किया जा सके।

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