DEFENCE

1,000 किलोमीटर के दायरे में दुश्मनों पर वार करने में सक्षम ‘निर्भय’ का सफल परीक्षण

क्रूज मिसाइल 'निर्भय'

नई दिल्ली। ओडिशा के चांदीपुर स्थित टेस्ट रेंज में स्वदेशी सबसॉनिक क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’ का सफल परीक्षण किया। देश के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित इस मिसाइल का यह 5वां टेस्ट था। इससे पहले के सेकंड टेस्ट को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी परीक्षण नाकाम ही रहे थे।





जानकारों के मुताबिक अत्याधुनिक क्रूज मिसाइल को यहां चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के लॉन्च कॉम्प्लैक्स- 3 से विशेष रूप से डिजाइन किए गए लॉन्चर के जरिए परीक्षण किया गया।  मिसाइल ‘निर्भय’ का परीक्षण सुबह लगभग 11:20 बजे किया गया।  निर्भय का अगला परीक्षण 9 नवंबर को किया जाएगा।

सबसॉनिक क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’ की विशेषता:

  • निर्भय मिसाइल 300 किलोग्राम परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है।
  • 1,000 किमी के दायरे में स्थित ठिकानों को निशाना बनाने में समर्थ।
  • हर मौसम में मारक हैं यह क्रूज मिसाइल।
  • मिसाइल को टेक ऑफ के लिए ठोस रॉकेट बूस्टर से संचालित किया जाता है।
  • बूस्टर के कारण बीच आसमान में ही घूमने की क्षमता, जिससे हवा में मंडराने में मदद मिलती है।
  • निर्भय मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम, जिससे यह दुश्मन के रडार से छिपकर उसके ठिकानों को निशाना बना सकता है।
  • सटीक निशाने के लिए नेवीगेशन सिस्टम से लैस।

रक्षा वैज्ञानिकों ने आशा जताई है कि ‘निर्भय’ ब्रह्मोस की कमी को पूरा करती है क्योंकि उसकी मारक सीमा 290 किमी है जबकि यह 1,000 किमी तक मार कर सकती है।

इस मिसाइल के टेस्ट में वैज्ञानिकों को 5वीं बार में कामयाबी हाथ लगी है। इससे पहले निर्भय की पहली परीक्षण उड़ान 12 मार्च , 2013 को सुरक्षा कारणों से बीच रास्ते में ही समाप्त करनी पड़ी थी। उस समय एक घटक में टेक्नीकल फॉल्ट सामने आया था। हालांकि 17 अक्टूबर, 2014 को दूसरी उड़ान सफल रही थी। अगला टेस्ट 16 अक्टूबर, 2015 को किया गया, जिसे इसकी उड़ान के 700 सेकंड बाद रोकना पड़ा। मिसाइल का चौथा परीक्षण 21 दिसंबर 2016 को ओडिशा के बालासोर में किया गया और उस समय भी यह निर्धारित पथ से भटक गई थी।

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