DEFENCE

Special Report: एस-400 की सप्लाई वक्त से पहले करने की कोशिश

एस- 400 डिफेंस सिस्टम
फाइल फोटो

नई दिल्ली। रूस ने कहा है कि भारत को सप्लाई की जाने वाली एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली को तय कार्यक्रम से पहले भारत को भेजने की रूस कोशिश कर रहा है। यहां रूसी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रोमान बाबुशकिन ने कहा कि भारत को पांच में से पहली मिसाइल प्रणाली को अगले साल के अंत तक भारत भेजने की योजना थी जिसे अब कुछ पहले भेजने पर काम चल रहा है। गौरतलब है कि भारत ने रूस से एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली के पांच बैच खरीदने का सौदा 5.4 अरब डालर में किया था।





गौरतलब है कि चीन के साथ चल रही मौजूदा सैन्य तनातनी क मद्देनजर भारत ने रूस से कहाथा कि जिन हथियार प्रणालियों के सौदे हए हैं उन्हें वक्त से पहले भारतीय सेनाओं को सौंपी जाए। रूसी राजनयिक ने कहा कि पिछले जून महीने में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जब मास्को का दौरा किया था तब इस बारे में चर्चा हुई थी। राजनाथ सिंह के रूस दौरे को रूस काफी अहमियत देता है।

रूसी दूतावास के आला राजनयिक ने बताया कि भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग के लिये हुए समझौते को अगले दस साल के लिये बढ़ाया जाना है। अन्य रक्षा सहयोग कार्यक्रम के बारे में रूसी राजनियक ने बताया कि इंडो-रसियन राइफल्स संयुक्त उद्मम द्वारा भारत में सात लाख एके-203 राइफलों का उत्पादन होगा। कामोव-226 हेलीकाप्टरों के दो अरब डालर के सौदे के तहत 200 में से 140 हेलीकाप्टरों का निर्माण भारत में होगा। इसी तरह सुखोई-30 एमकेआई, पनडुब्बी, फ्रिगेट और टी-90 जैसे हथियार मंचों को लेकर भी सहयोग बढ़ाने की बातचीत चल रही है।

उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच ब्रह्मोस मिसाइल ध्वजवाहक कार्यक्रम है जो काफी सफल चल रहा है। इसके अलावा रूसी रक्षा कम्पनियां उत्तर प्रदेश और तमिल नाडु में रक्षा गलियारे में अपना कारखाना लगाने पर भी बात कर रही हैं।

अलावा इसके भारत और रूस के बीच लाजिस्टिक्स सप्लाई समझौता करने पर भी बात चल रही है। गौरतलब है कि भारत ने ऐसा ही समझौता रूस. फ्रांस आस्ट्रेलिया, जापान जैसे देशों के साथ भी किया है।

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