DEFENCE

Special Report: सीमा पर अशांति का असर दिवपक्षीय रिश्तों पर- भारत

चीनी सैनिकों की घुसपैठ
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में भारत और चीन की सेनाओं के बीच चल रही तनातनी को दूर करने के लिये गत छह जून को दोनों देशों के आला सैन्य जनरलों के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देशों द्वारा सकारात्मक सहमति विकसित होने का दावा किया गया था लेकिन वास्तविक नियंत्रण रेखा के कई इलाकों पर चीनी सैनिकों द्वारा अपना डेरा जमाए रहने पर भारतीय सामरिक हलकों में हैरानी हो रही है।





यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बारे में कई सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया और इतना ही कहा कि दोनों पक्षों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर सम्पर्क बना हुआ है ताकि जल्द से जल्द मसले का हल निकले। लेकिन प्रवक्ता ने इशारों में चीन को चेतावनी दी कि सीमांत इलाकों में शांति व स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के बीच दिवपक्षीय रिश्तों के आगे विकास के लिये जरूरी होगा।

साफ है कि भारत ने चीन से कहा है कि यदि सीमांत इलाकों में सैन्य तनातनी दूर नहीं हुई तो इसका प्रतिकूल असर भारत चीन के रिश्तों पर पडेगा। गौरतलब है कि साल 2020 के दौरान भारत और चीन आपसी राजनयिक रिश्तों की स्थापना की 70 वीं सालगिरह मना रहे हैं। इसलिये पर्यवेक्षकों को हैरानी हो रही है कि दोनों देश आपसी रिश्तों में और मीठापन लाने के बदले चीन सीमा पर तनाव पैदा कर रिश्तों में खटास पैदा कर रहा है

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