DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: पैंगोंग त्सो इलाके पर तनातनी जारी

गलवान घाटी पर पीछे हटी चीनी सेना
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के सीमांत पैंगोंग त्सो झील इलाके की फिंगर-4 चोटी से अपने सैनिकों को पीछे नहीं हटाने पर अड़े चीन के इस  नवीनतम  प्रस्ताव को भारत ने ठुकरा दिया है कि भारत तनाव वाले इलाके से अपने सैनिकों की  तैनाती को हटा ले।





 गत 02 अगस्त को भारत और चीन के आला सैन्य कमांडरों की हुई बैठक में चीनी सैन्य कमांडर ने न केवल अपने सैनिकों को फिंगर-4 की चोटियों से पीछे हटाने से मना कर दिया बल्कि कहाकि पहले भारत इसके पीछे के इलाके से अपने सैनिकों की भडकाने वाली तैनाती खत्म करे।

 गौरतलब है कि चीनी सेना गलवान घाटी औऱ हाट स्प्रिंग्स के इलाके से तो अपने सैनिकों को वास्तविक नियंत्रण रेखा तक ले आई है लेकिन गोगरा , देपसांग और पैंगोंग त्सो इलाके से अपने सैनिकों को पीछे हटाने से साफ मना कर दिया है।

 चीनी सेना ने गत पांच मई और इसके बाद पूर्वी लद्दाख के पांच सीमांत इलाकों में घुसपैठ की थी और तब से केवल गलवान घाटी में अपने सैनिक पीछे हटाने को तैयार हुई है। चीन के ताजा प्रस्ताव पर यहां उच्च शक्ति प्रदत्त चाइना स्टडी ग्रुप ने अपनी बैठक के बाद भारत के रुख से अवगत कराया। चाइना स्टडी ग्रुप की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करते हैं और इसके सदस्य तीनों सेना प्रमुख और प्रधान सेनापति होते हैं।

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