DEFENCE

Special Report: चीन की हरकतों की वजह से ही बढ़ा तनाव- भारत

प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव
फािल फोटो

नई दिल्ली। चीन के साथ चल रहे मौजूदा सैन्य तनाव के बारे में भारत ने कहा है कि चीन इसके लिये जिम्मेदार है। यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सवालों के जवाब में कहा कि अब तक चीन ने जो हरकतें की हैं  उसकी वजह से ही क्षेत्र में तनाव बढ़ा है और 15 जून को खूनी झड़प हुई है।





प्रवक्ता ने कहा कि मई के शुरू में चीनी सेना ने गलवान घाटी के इलाके में भारतीय सेना को गश्ती करने से रोका और इस वजह से जो झड़प हुई उस पर दोनों देशों के सैन्य कमांडरों ने चर्चा की। मई के मध्य में चीनी सेना ने पश्चिमी सेक्टर के इलाके में यथास्थिति को बदलने की कोशिश की। हमने राजनयिक माध्यम से चीन की इस हरकत पर अपना विरोध दर्ज किया और कहा कि यथास्थिति में कोई भी बदलाव हमें स्वीकार नहीं होगा। इसके बाद दोनों सेनाओं के सीनियर कमांडरों ने 06 जून को बैठक की और वास्तविक नियंत्रण रेखा से तनाव खत्म करने और सैनिकों को पीछे हटाने क प्रक्रिया पर सहमति दी । दोनों पक्षों ने सहमति दी कि वे वास्तविक नियंत्रण रेखा का आदर करेंगे और कोई भी ऐसी हरकत नहीं करेंगे जिससे यथास्थिति में फर्क पडे।

प्रवक्ता ने कहा कि चीनी पक्ष ने इन सहमतियों का सम्मान नहीं किया और गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा का हनन किया। चीन ने इस तरह दिवपक्षीय समझौतों की भावनाओं का हनन किया। साल 1993 की भारत चीन सहमति का हवाला देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि .इसके अनुरुप दोनों पक्षों ने सहमति दी थी कि दोनों सेनाएं परस्पर दोस्ती की भावना के अनुरूप सैन्य स्तर को न्यूनतम स्तर पर रखेंगे। लेकिन जब चीनी सेना ने सीमांत इलाकों में सैन्य तैनाती बढ़ानी शुरू की तो भारतीय सेना को भी जवाबी तैनाती बढ़ानी पड़ी। प्रवक्ता ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान दोनों देशो के बीच शांति व स्थिरता बनाए रखने से ही सम्भव हो सकता है। भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा से पूरी तरह अवगत है और इसका सटीक पालन करती रही है और कभी भी यथास्थिति को बदलने की कोशिश नहीं की।

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