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खास रिपोर्ट: 15 हजार करोड़ के कई पोत देश में बनाने का टेंडर

युद्धपोत
प्रतीकात्मक

नई दिल्ली। स्वदेशी पोत निर्माण को भारी बढ़ावा देने वाले एक फैसले के तहत भारतीय रक्षा मंत्रालय ने  भारतीय नौसेना के लिये 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले विभिन्न पोतों और सहायक प्रणालियों के स्वदेशी निर्माण के लिये पोत बनाने वाली कम्पनियों को टेंडर जारी किये हैं।





 यहां रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि  छह  नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसेल (NGMV)  यानी अगली पीढी के  मिसाइल पोतों के लिये प्रस्ताव भेजने का आग्रह (RFP)  सात नौसैनिक गोदियों को जारी किये गए हैं जबकि 08 फास्ट पेट्रोल वेसेल (FPV) , 12 एयर कुशन वेहिकल्स (ACV) और 08 मिसाइल कम एम्युनिशन वार्जेज  बनाने के लिये  चुने गये शिपयार्डों को  आऱएफपी जारी किये गए हैं। इसके अलावा अगले कुछ महीनों के भीतर कुछ औऱ पोत बनाने के लिये भारतीय शिपयार्डों को टेंडर जारी किये जाएंगे।

 विभिन्न पोतों और  अन्य प्रोजेक्टों के लिये  आरएफपी की पात्रता हासिल करना आसान बनाने के लिये  रक्षा मंत्रालय ने नौसेना औऱ कोस्ट गार्ड के साथ मिलकर गहन चर्चा की थी।

एयर कुशन वेहिकल्स का सैनिक और तटीय टोही भूमिका में व्यापक इस्तेमाल के अलावा नागरिक क्षेत्रों में भी व्यापक उपयोगिता है। ये वाहन आपदा प्रबंध और पर्यटन जैसे  क्षेत्रों में भी इस्तेमाल किये जा सकते हैं।  एसीवी के निर्माण के लिये विदेशी कम्पनियों के सहयोग से भारतीय सामरिक साझेदारों के लिये भी विकल्प रक्षा मंत्रालय ने खुला रखा है।

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