DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: सौर ड्रोन, जो एक साल तक उड़ता रहेगा

ड्रोन
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। ब्रिटेन के वैमानिकी विशेषज्ञों ने एक ऐसे सौर  ड्रोन का विकास कर सफल परीक्षण किया है जो एक साल तक वायुमंडल के सबसे ऊपरी परत में उडता रह सकता है। सेनाओं के लिये यह विमान विशेष उपयोगी साबित होगा जो उपग्रह औऱ विमान के बीच के वायुयान की तरह माना जा रहा है।





फासा-35 (PHASA-35) का लम्बी अवधि तक उडते रहने वाला यह विमान सौर ऊर्जा से उडता रहेगा।  मानव रहित यह विमान ( HALE-UAV)  हाई अल्टीट्यूड , लांग एनड्युरेंस , अनमैन्ड एरियल ह्वीकल के तौर पर जाना जाएगा।  यह विमान न केवल सैनिक बल्कि व्यासायिक ग्राहकों के लिये भी काफी उपयोगी साबित होगा। इस  ड्रोन को समुद्री टोही भूमिका में तैनात किया जा सकता है।

इस विमान के डैने 35 मीटर में फैले हैं। इस विमान का विकास ब्रिटेन की वैमानिकी कम्पनी ब्रिटिश एरोस्पेश ने ब्रिटेन की डिफेंस साइंस एंड टेकनालाजी लेबोरेट्री और प्रिसमैटिक कम्पनी के विशेषज्ञों के सहयोग  से किया है। इस पर रेडियो फ्रीक्वेंसी सेंसिंग साफ्टवेयर लगा होता है जो विमान से सुरक्षित संचार सम्पर्क बनाए रखने में मदद करता है।  दिन के वक्त यह विमान सौर ऊर्जा से उडेगा औऱ रात के वक्त  विमान की बैटरी से उडेगा। इस विमान पर दीर्घकाल तक चलने वाली बैटरी लगाई गई है।  इसकी शुरुआती उडान में  भारी उत्साहजनक नतीजे मिले हैं। इस दौरान इस विमान ने लगातार 72 घंटे तक उडान प्रदर्शन किया। आने वाले महीनों में इस विमान के और भी उडान परीक्षण होंगे।  उडान परीक्षण कार्यक्रम के पूरा होने के एक साल के भीतर इस विमान को व्यावसायिक तौर पर उडाने के लिये तैयार घोषित कर दिया जाएगा।  दो साल पहले ही इस विमान के डिजाइन का काम शुरु किया गया था। इस कम वक्त में विशेषज्ञों को मिली इस सफलता पर वैमानिकी विशेषज्ञों ने सराहना की है।

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