DEFENCE

Special Report: ब्रह्मोस मिसाइल लेना चाहता है फिलीपींस

ब्रह्मोस-मिसाइल
फाइल फोटो

नई दिल्ली। भारत में रूस के सहयोग से बनी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का फिलीपींस पहला विदेशी ग्राहक बन सकता है। फिलीपींस की एक वेबसाइट ‘मैक्स डिफेंस फिलीपींस’ के मुताबिक  फिलीपींस अपनी नौसेना के लिये  युद्धपोत नाशक ब्रह्मोस मिसाइल हासिल करना चाहता है।





गौरतलब है कि भारत की तीनों सेनाओं ने ब्रह्मोस मिसाइल को अपने बेड़े में शामिल किया है। दक्षिण चीन सागर में चीन द्वारा फिलीपींस के द्वीपों पर अधिकार जताने के मद्देनजर चल रहे विवादों की पृष्ठभूमि में फिलीपींस की यह योजना सामरिक नजरिये से अहम है। फिलीपींस चीनी नौसेना की धमकियों को बेअसर करने के लिये अपनी नौसेना की मारक क्षमता बढ़ाने के बारे में सोच रहा है।

भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल को पिछले दशक से ही अपने सैन्य बेड़े में शामिल करना शुरू किया है। यह मिसाइल आवाज से 2.8 गुना अधिक तेज  गति से जा सकती है। इसकी मारक दूरी 300 किलोमीटर तक होगी। चूंकि चीन की फिलीपींस की इस योजना पर नजर होगी और वह भारत से इसे लेकर नाराज हो सकता है इसलिये देखना होगा कि फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइलों की सप्लाई का फैसला भारत कर पाता है या नहीं।

युद्धपोत नाशक ब्रह्मोस मिसाइल में 200 किलोग्राम का विस्फोटक होता है जो किसी भी युद्धपोत के बाहरी स्टील आवरण को भेद सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल को दो चऱणों वाले पावर प्लांट से ऊर्जा मिलती है। पहले चऱण में ठोस राकेट इंधन होता है। इस मिसाइल की ब्लॉक तीन किस्म किसी पहाड़ी के पीछे छिपे किसी लक्ष्य को भी भेद सकती है। यह मिसाइल किसी पनडुब्बी, युद्धपोत, लड़ाकू विमान और जमीन आधारित वाहन से भी छोड़ी जा सकती है।

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