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स्पेशल रिपोर्ट: सैन्य गश्ती से भारत को कोई नहीं रोक सकता- रक्षा मंत्री

राज्यसभा में चीन पर बोले रक्षामंत्री

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत चीन सीमांत इलाकों में चल रही सैन्य तनातनी पर सरकार की ओर से बयान देते हुए चीन को दृढ़ता पूर्वक चेतावनी दी है कि चीन से लगे सीमांत इलाकों में ऐतिहासिक तौर पर भारतीय सेना जहां गश्ती करती रही है वहां भारत को ऐसा करने से दुनिया की कोई शक्ति नहीं रोक सकती है।





रक्षा मंत्री ने दो दिनों पहले लोकसभा में भी भारत-चीन तनाव पर एक बयान दिया था। गुरुवार को उन्होंने राज्य सभा में अपना बयान दोहराते हुए सांसदों के सवालों के जवाब भी दिये। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस सदस्य और पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटोनी के एक सवाल के जवाब में कहा कि चीन ने सीमांत इलाकों में भारी सैन्य जमावड़ा कर लिया है। इसके जवाब में भारतीय सेना ने समुचित तैनाती की है। राज्य सभा में अपना विस्तृत बयान देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना की गश्ती के तरीकों में कोई बदलाव नहीं होगा। सांसदों की चिंताओं को दूर करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वह यह साफ करना चाहेंगे कि सैन्य गश्ती की वजह से ही सेनाएं आमने सामने तैनात हैं। यदि हमारे सैनिकों ने बलिदान किया है तो इसकी यही एक वजह है। उन्होंने कहा कि गश्ती का तरीका परम्परागत और सुपरिभाषित है। पृथ्वी पर कोई भी ताकत हमें गश्ती करने से रोक नहीं सकती।

रक्षा मंत्री ने कहा कि कोई भी ताकत एकपक्षीय तौर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा को नहीं बदल सकती है। सांसदों ने अपनी टिप्पणियों में यह भी कहा कि यथास्थिति बहाल की जानी चाहिये। रक्षा मंत्री ने राज्य सभा में कहा कि भारत चीन सीमा मसले का हल नहीं निकला है और चीन का मानना है कि चीन पारम्परिक रेखा को मान्यता नहीं देता है। उन्होंने कहा कि 50 और 50 के दशक में दोनों के बीच इस मसले पर चर्चा हुई थी लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकला। चीन ने भारत का 38 हजार वर्ग किलोमीटर भूभाग कब्जा किया हुआ है।

उन्होंने कहा कि चीन ने यह स्वीकार किया है कि सीमा मसले के हल के लिये शांतिपूर्ण वार्ता की जरुरत है लेकिन आज तक सीमा का रेखांकन नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि दिवपक्षीय रिश्तों और आपसी सम्बन्धों पर चर्चा हो सकती है लेकिन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हालात का असर आपसी सम्बन्धों पर निश्चित ही पडेगा। उन्होंने कहा कि इस साल अप्रैल के बाद से चीन ने सीमा पर तैनाती बढ़ाई है जिसके जवाब में हमारी सेना ने जरुरी कदम उठाए हैं।

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