DEFENCE

Special Report: रक्षा खरीद की नई नीति जारी

रक्षा प्रदर्शनी

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने सेनाओं के लिये शस्त्र प्रणालियों को हासिल करने की नई प्रक्रिया रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) 2020 जारी कर दी है। इस नई नीति के मसौदे में सेनाओं के लिये देश में ही सैनिक साज सामान के उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है। इसके अलावा रक्षा साज सामान खरीदने की समय अवधि भी कम करने का संकल्प जाहिर किया गया है।





रक्षा मंत्रालय की सैन्य साज सामान खरीद के विभाग के महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा तैयार मसौदे को अंतिम रुप दिया गया है। इस समिति की गठन पिछले साल अगस्त में किया गया था। इस मोके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारा इरादा भारत को रक्षा साज सामान के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि हम भारत को रक्षा साज सामान के उत्पादन का गढ़ बनाना चाहते है। उन्होंने कहा कि भारतीय रक्षा उद्योग और रक्षा मंत्रालय द्वारा साथ मिलकर काम करने के जो अनुभव हासिल हुए हैं उसके मद्देनजर वक्त आ गया है कि हम मेक इन इंडिया पहल को मजबूत करें।

रक्षा खरीद प्रक्रिया के मसौदे में सेनाओं द्वारा हासिल किये जाने वाले हथियारों में अधिक स्वदेशी हिस्सा होना चाहिये। सैनिक साज सामान मे इस्तेमाल में लाए गए स्वदेशी सामग्री और साफ्टवेयर के अधिक हिस्से वाले उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी। पूंजीगत सामान की खरीद के सौदे में आफ्टर सेल्स सपोर्ट का प्रावधान भी शामिल होगा। पहली बार सेनाओं के लिये रक्षा साज सामान को लीज करने का प्रावधान किया गया है। रक्षा गलियारे में उत्पादित साजसामान को आफसेट के तहत शामिल करने को प्रोत्साहित किया जाएगा।

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