DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: आयुध बोर्ड की यूनियनों से रक्षा मंत्रालय ने की बात

आयुध कारखाना
फाइल फोटो

नई दिल्ली। आयुध फैक्टरी बोर्ड के कारखानों को कॉरपोरेट स्वरूप देने के फैसले पर रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के अधिकारियों ने बोर्ड के कर्मचारी संगठनों से बातचीत शुरू की है। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिये अतिरिक्त सचिव वी एल कांठा राव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है जिसने बोर्ड के तीन कर्मचारी संगठनों के साथ अलग अलग वीडियो के जरिये बात की है।





कर्मचारियों के ये संगठन हैं- कनफेडरेशन ऑफ डिफेंस रेकागनाइज्ड एसोसिएशन (CDRA), इंडियन आर्डनेंस फैक्टरीज गैजेटेड आफीसर्स एसोसिएशन ( IOFGOA) , नेशनल डिफेंस ग्रुप-बी गैजेटेड एसोसियेशन (NDGBGOA) ।

रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सरकार आयुध कारखानों के कारोपोरेटीकरण करने के पहले सभी हितधारकों को विश्वास में लेना चाहती है। अधिकारियों का कहना है कि कारपोरेट स्वरूप दे कर सरकार आयुध कारखानों की कार्यक्षमता बढाना चाहती है। सरकार चाहती है कि वे अपने को व्यावसायिक स्वरूप दें ताकि आज के प्रतिस्पर्द्धी माहौल में फल फूल सकें और आत्मनिर्भर हो सकें। अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी संगठनों के साथ सौहार्दूपूर्ण माहौल में बातचीत हुई। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत जारी रखी जाएगी।

गौरतलब है कि गत 16 मई को आत्मनिर्भर भारत के कार्यक्रम के तहत सरकार ने कहा था कि वह आयुध कारखानों को स्वायत्तता दे कर उन्हें जवाबदेह बना कर उनकी कार्यक्षमता को बढाना चाहती है।

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