DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: मालदीव के रक्षा मंत्री ने की राजनाथ सिंह से मुलाकात

राजनाथ सिंह से मिले मालद्वीप के रक्षा मंत्री

नई दिल्ली।  जून के शुरू में  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मालदीव की सफल और फलदायक यात्रा के बाद इसके नतीजों को जमीन पर उतारने के लिये मालदीव के रक्षा मंत्री  मेजर जनरल अब्दुल्ला शमाल इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। गुरवार को उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ आपसी रक्षा सहयोग को गहरा करने के मसले पर बातचीत की।





गुरुवार  को  मालदीव के रक्षा मंत्री नैशनल वार मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने गए और  बाद में रक्षा मत्री राजनाथ सिंह से मिलने के पहले साउथ ब्लाक में उनकी पारम्परिक सैन्य गारद प्रदान कर अगवानी की गई। मालदीव के रक्षा मंत्री से साउथ ब्लॉक में ही वायुसेना प्रमुख औऱ तीनों सेनाओं के प्रमुखों  की कमेटी के अध्यक्ष  एय़र चीफ मार्शल बी एस धनोआ  ने भी मुलाकात की।

गौरतलब है कि गत आठ जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मालदीव दौरे में मालदीव के राष्ट्रपति  इब्राहीम मुहम्मद सोलेह के साथ हुई बातचीत के बाद रक्षा सहयोग को पुख्ता आधार देने के लिये कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे। इस दौरान  दोनों देशों के समुद्री इलाके  के जलीय सर्वेक्षण के लिये सहमति के ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे।  इसके अलावा भारतीय नौसेना और मालदीव नैशनल डिफेंस फोर्सेज के बीच  ह्वाइट शिपिंग इनफार्मेशन का समझौता हुआ था। इसके तहत दोनों देश मालदीव के समुद्री इलाके में विचरण कर रहे व्यापारिक पोतों के बारे में एक दूसरे को अवगत कराएंगे।

मालदीव के रक्षा मंत्री  भारत दौरे में छोटे देशों की सुरक्षा परेशानियां विषय पर पांच जुलाई को रक्षा अध्ययन  एवं विश्लेषण संस्थान ( आईडीएसए) में एक व्याख्यान भी देंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव के दौरे में  कोस्टल  सर्वेलेंस   रेडार सिस्टम का भी उद्घाटन राष्ट्रपति सोलिह के साथ साझा तौर पर किया था। गौरतलब है कि  मालदीव के समुद्र तटीय इलाके में  विदेशों की अवांछनीय पोत- गतिविधियों के बारे में नजर रखने के लिये इस रेडार टोही प्रणाली पर पिछले दशक से ही काम चल रहा था। इस रेडार प्रणाली के तहत मालदीव के कई द्वीपों पर भारतीय नौसेना ने रेडार लगाए  हैं।  पिछले सालों में मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की चीन से नजदीकियां बढ़ने के दौरान मालदीव ने इस रेडार टोही प्रणाली पर काम स्थगित कर दिया था।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सोलिह ने संयुक्त तौर पर एक  मालदीव नैशनल डिफेंस फोर्सेज के लिये माफिलाफुशी द्वीप पर बनाई गई एक कम्पोजिट ट्निंग फेसिलिटी का उद्घाटन रिमोट से  किया था। मालदीव की सेना का  विगत में भारतीय सेना  के साथ ही गहरा रिश्ता रहा है लेकिन पिछले कुछ सालों के दौरान  चीन ने इस रिश्ते में सेंध लगाने की कोशिश की जिसे आज की मालदीव सरकार छुटकारा पाने की कोशिश कर रही है। इसी के मद्देनजर मालदीव के नये रक्षा मंत्री  मेजर जनरल अब्दुल्ला शमाल का भारत दौरा काफी अहम है।

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