DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: रिकार्ड वक्त में युद्धपोत बनाया

लार्सन एंड टूब्रो
फाइल फोटो

नई दिल्ली। प्राइवेट सेक्टर की कम्पनी लार्सन एंड टूब्रो ने सबसे कम वक्त में युद्धपोत बना कर भारतीय कोस्ट गार्ड को  सौंपा है। अरे वह भी बिजी चल रहा व





लार्सन एंड टूब्रो ने पांचवा युद्धपोत रिकार्ड 19.5 महीने में तैयार कर कोस्ट गार्ड को सौंप दिया।  यह आफशोर पेट्रोल वेसेल आईसीजीएस वरद  चेन्नै के निकट  कटुपल्ली शिपयार्ड   पर जहाजरानी राज्य मंत्री  मनसुख मनदविया  ने कोस्ट गार्ड के  लिये ग्रहण किया।  भारतीय जहाजरानी उद्योग में आईसीजीएस वरद पहला पोत है जिसने  एक ही समुद्री परीक्षण मे  सभी मानकों को पूरा कर दिखा कर   रेकार्ड बनाया।  इससे पता चलता है कि शिपयार्ड ने पोत निर्माण का उच्च पैमाना स्थापित कर लिया है।  मार्च , 2015 में रक्षा मंत्रालय ने लार्सन एंड टूब्रो को ऐसे सात  समुद्र तटीय गश्ती पोत बनाने का  आर्डर दिया था।

गौरलतब है कि आईसीजीएस वरद को कमीशन करने के  एक दिन पहले ही  लार्सन  एंड टूब्रो ने छठे गश्ती पोत  को लांच किया था। लार्सन एंड टूब्रो ने वक्त से पहले  पांचवे पोत का कमीशन  और छठे पोत को लांच कर अपनी परम्परा कायम रखी है।  दो साल पहले जुलाई , 2018 में वरद पोत की कील डाली गई थी।   कम्पनी को  पोत बनाने का पहला आर्डर 2010 में दिया गया था । एक दशक के भीतर लार्सन एंड टूब्रो ने नौसेना औऱ तटरक्षक बल को 56 युद्धपोत बना  कर सौंपे हैं।  इस तरह कम्पनी ने मेक इन इंडिया की सही भावना के अनुरुप अपना योगदान दिया है।

 वरद पोत के कमीशन के मौके पर लार्सन एंड टूब्रो के  सीईओ औऱ  प्रबंध निदेशक  एस एऩ  सुब्रहमण्यम ने  कहा कि सभी तरह के समुद्री परीक्षणों को  रिकार्ड वक्त में पूरा करने की लार्सन   एंड टूब्रो ने  बडी उपलब्धि हासिल की है।  तीन दशकों से एल एंड टी स्वदेशी  रक्षा तकनीक के विकास में योगदान कर रहा है।  गौरतलब है कि कटुपल्ली शिपयार्ड में पोत निर्माण की विश्व स्तर की ढांचागत सुविधा स्थापित की  गई है।  एल  एंड टी को हाल में ही दक्षिण पूर्व एशिया के एक देश से  हाई स्पीड पेट्रोल वेसेल बनाने का आर्डर भी मिला है।

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