DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: जिंदल समूह ने ब्राजील की रक्षा कम्पनी के साथ किया समझौता

प्रधानमंत्री मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति

नई दिल्ली। ओपी जिंदल समूह की कंपनी जिंदल डिफेंस ने भारत में लघु अस्त्र निर्माण क्षेत्र में प्रवेश की घोषणा की। देश में विनिर्माण को मज़बूत बनाने के लिए जिंदल डिफेंस ने विभिन्न किस्म के छोटी हथियार प्रणालियों के निर्माण के लिए ब्राज़ील की कंपनी टॉरस अरमास एसए के साथ एक जॉइंट वेंचर समझौता किया।





इस समझौते का अनावरण विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया-ब्राज़ील बिज़नेस फोरम (आईबीबीएफ) की पहली ब्राज़ील-भारत रक्षा उद्योग वार्ता के दौरान हुआ। इस वार्ता का आयोजन सीआईआई, ऐसोचैम और फिक्की के सहयोग से किया गया। यह फोरम ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ाइर बोल्सनारो की भारत यात्रा के दौरान उनके सम्मान में आयोजित व्यापार विनिमय कार्यक्रम का हिस्सा है। जिंदल डिफेंस की यह पहल भारत-ब्राज़ील के बीच रणनीतिक क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने की ओर एक कदम है।

इस समझौते के तहत दोनों कंपनियों; जिंदल डिफेंस और टॉरस अरमास एसए की 51:49 की इक्विटी अनुपात की भागीदारी से हरियाणा स्थित हिसार में एक जॉइंट वेंचर कंपनी की स्थापना का प्रस्ताव है। यह कंपनी टॉरस से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के आधार पर भारत में लघु अस्त्रों का निर्माण करेगी ताकि रक्षा खरीद प्रक्रियाओं (डिफेन्स प्रोक्योरमेंट प्रोसीजर्स) के मुताबिक उत्पादन के स्थानीकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

जिंदल डिफेंस के प्रवर्तक अभ्युदय जिंदल ने कहा, ‘टॉरस अरमास एसए के साथ हमारा गठजोड़ भारतीय रणनीतिक लघु अस्त्र निर्माण को आत्म-निर्भर बनाने में सहयोगी होगा और साथ ही माननीय प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के लक्ष्य को और सशक्त करेगा। इस जॉइंट वेंचर कंपनी का उद्देश्य सर्वश्रेष्ठ निर्माण व्यवहार का अनुपालन करते हुए विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है जिससे डिज़ाइन एवं अभियांत्रिकी के साथ उच्चतम गुणवत्ता भी हासिल की जा सके। इसके अलावा इस उद्यम से उभरी प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता के साथ हमारा लक्ष्य है भारतीय सशस्त्र बल की उभरती मांग को पूरा करना।’

इस भागीदारी का लक्ष्य है लघु अस्त्र निर्माण क्षेत्र में मौजूदा घरेलू क्षमता का अधिकतम लाभ उठाना और सशस्त्र बल, विशेष तौर पर भारतीय सेना, अर्ध-सैनिक बल और राज्य पुलिस बलों के आधुनिकीकरण की मौजूदा और भावी योजनाओं में सहायक होना। इसके अलावा यह पहल सरकार के रक्षा उपकरण विनिर्माण में निजी कंपनियों की बेहतर भागीदारी के लक्ष्य के अनुरूप है।

जिंदल डिफेंस रक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों के उत्पादों का विनिर्माण करती है। लगभग 25 अरब अमेरिकी डॉलर के वैश्विक कारोबार के साथ ओ पी जिंदल समूह स्टील विनिर्माण से लेकर खनन, बिजली, औद्योगिकी गैस, बंदरगाह और रक्षा क्षेत्रों में मौजूद है। कुशल परियोजना प्रबंधन के साथ, समूह वैश्विक स्तर पर विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्यरत है।

ब्राज़ील की कंपनी टॉरस अरमास एसए आग्नेय शस्त्र बनाने वाली विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है और यह विभिन्न किस्म के लघु अस्त्रों का निर्माण करती है। कंपनी 100 से अधिक देशों में अस्त्रों का निर्यात करती है और सेना, क़ानून व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों और वाणिज्यिक बाज़ारों की विभिन्न किस्म की ज़रुरत पूरी करती है। टॉरस के लघु शस्त्र अपनी विश्वसनीयता, शुद्धता, विशिष्टता, सुरक्षा, और उपयोग में आसानी के लिए विश्व-भर में विख्यात हैं।

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