DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: भारत-अमेरिका ने किए रक्षा सहयोग के नये समझौते

राजनाथ सिंह और मार्क ईस्टर

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच वाशिंगटन में हुई दूसरी टू प्लस टू वार्ता के दौरान  दोनों देशों ने औद्योगिक सुरक्षा समझौते किये जिससे भारत को अमेरिकी रक्षा तकनीक हस्तांतरण करना आसान हो जाएगा।





इस बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने  राज्य की नीति के तौर पर आतंकवाद के इस्तेमाल के अलावा सामरिक औऱ सुरक्षा सहयोग के मसलों पर गहन चर्चा की। यह टू प्लस टू वार्ता  अमेरिकी विदेश विभाग के फागी बाटम स्थित मुख्यालय में हुई।  इस वार्ता में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो औऱ रक्षा मंत्री मार्क एस्पर और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर औऱ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने देशों की अगुवाई की। दोनों देशों ने आपसी रक्षा और  राजनयिक मसलों पर इस तरह के शीर्ष स्तर की वार्ता की शुरुआत पिछले साल शुरु की थी।

इस बातचीत के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने  ट्वीट कर कहा कि  साल 2019 के दौरान हमने  भारत अमेरिका सामरिक साझेदारी में  निरंतर प्रगति देखी है।  हम इस रिश्तों को अगले स्तर तक ले जाने को प्रतिबद्ध हैं।  इस वार्ता के दौरान हमने  साझी सुरक्षा  के लिये सहयोग गहरा करने, खुला व स्वतंत्र हिंद प्रशांत सुनिश्चित करने  और आर्थिक समृद्धि को मजबूत करने के उपायों पर बातचीत की।  इनसे हमारे देशों के लोगों को लाभ होगा।

चारों मंत्रियों के बीच हुई इस  वार्ता के बाद  अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा कि  भारत अमेरिका रक्षा रिश्ते मजबूत हैं औऱ ये मजबूत होते रहेंगे।  हमने रक्षा तकनीक रिश्तों में  समुचित भारी प्रगति की है।  राजनाथ सिंह ने कहा कि  भारत और अमेरिका के बीच  खुला, आजाद औऱ शांत हिंद प्रशांत इलाके को लेकर  साझा नजरिया  है। उन्होंने कहा कि हम कोमकासा रक्षा समझौता करने की दिशा में प्रगति कर रहे हैं।

इसके पहले राजनाथ सिंह औऱ  एस जयशंकर ने अपने समकक्ष अमेरिकी मंत्रियों से बात की।

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