DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: भारत-चीन वार्ता बेनतीजा रही लेकिन जारी रहेगी

सीमा पर भारत-चीन के सैनिक
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में चीनी घुसपैठ की वजह से भारत और चीन के बीच गत साढे चार महीनों से चल रही सैन्य तनातनी को समाप्त करने के लिये चुशुल सेक्टर के चीन के मोलदो इलाके में हुई भारत और चीन के बीच 14 घंटे की वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला लेकिन वार्ता जारी रहने के संकेत दिये गए हें।





बातचीत में चीनी पक्ष द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर यहां रक्षा महकमे में उच्चस्तरीय बैठक में गहन चर्चा हुई है।

यह बातचीत लेह स्थित भारतीय सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन के साउथ शिनच्यांग डिस्ट्रिक्ट के कमांडर मेजर जनरल ल्यु लिन की अगुवाई में हुई। इस बातचीत में पहली बार दोनों देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। भारतीय विदेश मंत्रालय में पूर्व एशिया विभाग के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव बैठक में मौजूद थे।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष सैनिकों को पीछे ले जाने की बात से सहमत थे लेकिन इस प्रक्रिया को काफी जटिल मान रहे हैं। दोनों सेनाओं ने अपनी सैन्य तैनाती में बढोतरी जारी रखी है।

सोमवार को दोनों सैन्य शिष्टमंडलों ने सुबह 9.30 पर बैठक शुरु की जो सोमवार रात 11 बजे तक चली।

यह बातचीत मास्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच बनी पांच सूत्री सहमति पर आधारित थी। सूत्रों ने कहा कि हालांकि वार्ता का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला लेकिन वार्ता सकारात्मक रही। रक्षा सूत्र इस बात को सकारात्मक मान रहे हैं कि तनाव दूर करने पर दोनों पक्ष गम्भीर हैं औऱ बातचीत कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि बातचीत के दौरान भारतीय दल ने साफ शब्दों में कहाकि चूंकि चीनी पक्ष ने घुसपैठ की पहल की है इसलिये चीनी पक्ष अपनी पुरानी स्थिति पर लौटे। भारतीय पक्ष ने यह भी कहा कि सैन्य तनाव दुर करने और युद्ध भडकने से रोकने के लिये वास्तविक नियंत्रण रेखा के पीछे के इलाको में चीन ने जो भारी सैन्य जमावडा किया है वह हटा ले।

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