DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: HAL के लाइट हेलिकॉप्टर ने लेह सियाचिन पर सफल उड़ान

लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर

नई दिल्ली। हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लि. द्वारा निर्मित लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (LUH) ने उंचाई वाले ठंढे पर्वतीय इलाकों पर लगातार 10 दिनों तक उड़ान भर कर अपनी तकनीकी क्षमता सिद्ध की है। इस हेलिकॉप्टर की दक्षता सिद्ध करने के लिये लेह में एक समग्र टेस्ट प्लान बनाया गया था।





यह हेलिकॉप्टर लेह से उड़ा और दौलतबेग ओल्डी वायुसैनिक अड्डे पर उतर कर अपनी दक्षता सिद्ध की। इस तरह लाइट युटिलीटी हेलिकॉप्टर ने एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है।

इसके पहले गत 24 अगस्त को भी एल यू एच ने हिमालय के ऊपर विभिन्न मौसमी उड़ानों का प्रदर्शन किया था। एल यू एच ने ऊंचे और गर्म मौसमी हालात में ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों पर सफलता पूर्वक अपनी उड़ान की क्षमता दिखाई। ये परीक्षण हैल, वायुसेना और थलसेना के टेस्ट पायलटों द्वारा 24 अगस्त से 02 सितम्बर के बीच किये गए थे।

यहां HAL के एक प्रवक्ता ने बताया कि हलके हेलिकॉप्टर ने सेनाओं की सभी जरूरतें पूरी की हैं। गर्म और ऊंचे मौसम के परीक्षण के बाद लाइट यूटिलटी हेलीकाप्टर आपरेशनल क्लीयरेंस सर्टिफिकेट हासिल करने के काफी नजदीक पहुंच गया है। हैल के चेयरमैन एवं अध्यक्ष आर माधवन ने बताया कि सभी नियोजित टेस्टों का सफलतापूर्व प्रदर्शन किया गया। लेह के ऊपर प्लस 33 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में 3,300 मीटर की ऊंचाई पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के वायुमंडल(आईएसए) में प्लस 32 डिग्री सें. तापमान में एक समग्र टेस्ट योजना लागू की गई।

लाइट यूटिलीटी हेलिकॉप्टर लेह के आसमान से उड़ा और एडवांस्ड लैंडिग ग्राउंड दौलत बेग ओलदी में 5,000 मीटर की उंचाई तक गया और इसके बाद अग्रिम मोर्चे पर दूसरी हेलिकॉप्टर हवाई पट्टी के ऊपर भी उड़ कर दिखाया। गौरतलब है कि इसने इतनी ऊंचाई और अधिक तापमान के हालात में उड़ान भरी। हालांकि ऐसे मौसमी हालात में किसी अन्य नागरिक और सैनिक विमानों और हेलिकॉप्टरों  को कई बाधाओं का सामना करना होता है लाइट यूटिलीटी हेलिकॉप्टर को किसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।

लाइट यूटिलीटी हेलिकॉप्टर ने बेंगलूर से लेह तक की तीन हजार किलोमीटर की दूरी तीन दिनों में तय की। इस दौरान यह कई सैनिक और नागरिक हवाई पट्टियों से होकर गुजरा। इस दौरान हेलिकॉप्टर ने उच्च स्तर की विश्वसनीयता दिखाई और इसे किसी तरह की सर्विस मदद की जरुरत भी नहीं पड़ी।

हेलिकॉप्टर के उड़ान पऱीक्षण के लिये एक परीक्षण टीम गठित की गई थी जिसमें हैल के फ्लाइट टेस्ट क्रू और वायुसेना और थलसेना के टेस्ट पायलट शामिल किये गए। गौरतलब है कि हैल ने पिछले साल अक्टूबर में नागपुर में गर्म मौसम में परीक्षण उड़ान भरी थी और लेह में इस साल इसका ट्रायल किया गया। चेन्नई में समुद्र स्तर का परीक्षण पिछले साल और पुडुचेरी में इस साल किया गया।

Comments

Most Popular

To Top