DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: सीमांत सैनिकों के पास हथियार थे- जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर
फाइल फोटो

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से बात करने गए भारतीय सैनिकों के पास हथियार थे। उन्होंने इन हथियारों का इस्तेमाल इसलिये नहीं किया कि वे वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिये हुए कई समझौतों की भावना से बंधे थे।





गौरतलब है कि भारत और चीन ने 1993, 1996, 2005 और 2013 में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर परस्पर विश्वास बनाए रखने के इरादे से कई समझौते किये थे ताकि दोनों देशों की सेनाएं आपस में सौहार्द बनाए रखें। विदेश मंत्री ने साफ कहा कि भारतीय जवान इन समझौतों की भावना से बंधे हुए थे।

सीमा पर परस्पर सौहार्द बनाए रखने के इरादे से ही दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे के पर्व त्यौहारों पर एक दूसरे को बधाई और मिठाइयों का आदान प्रदान करते हैं।

लेकिन गलवान घाटी में चीन ने इन भावनाओं का पूरी तरह हनन किया और भारतीय सैनिकों पर कायरतापूर्ण हमला किया जो हथियारों का इस्तेमाल समझौते का पालन करते हुए किसी भी सूरत में नहीं कर सके। सैन्य अधिकारी कहते हैं कि 1967 के सिकिकम संघर्ष के बाद भारत औऱ चीन की सेनाओं के बीच कभी भी गोलियों का आदान प्रदान नहीं हुआ।

Comments

Most Popular

To Top