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स्पेशल रिपोर्ट: फ्रांस और राफेल भारत को सप्लाई करने को तैयार

राफेल लड़ाकू विमान
फाइल फोटो

नई दिल्ली। दो दशकों के अंतराल के बाद भारतीय. वायुसेना को नई किस्म का दुनिया का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल की पहली खेप मिली। अम्बाला वायुसैनिक अड्डे पर राफेल को वायुसेना में औपचारिक तौर पर शामिल किये जाने के मौके पर आयोजित भव्य समारोह में फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली भी मौजूद थीं।





सर्वधर्म प्रार्थना के बीच इस मौके पर रक्षा मत्री राजनाथ सिंह ने चीन और पाकिस्तान दोनों को चेतावनी दी कि भारत अपनी सीमाओं और प्रादेशिक अखंडता की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध है। हमने दुनिया को बता दिया है कि हम किसी भी कीमत पर अपनी सम्प्रभुता औऱ प्रादेशिक अखंडता की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि राफेल विमान भारतीय सुरक्षा के लिये खेल का पासा पलटने वाला साबित होगा।

इस अवसर पर राफेल बनाने वाली कम्पनी दासो एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने कहा कि यदि उनकी कम्पनी को और अधिक राफेल विमानों की सप्लाई का नया आर्डर दिया जाता है तो वह इसके लिये तैयार हैं। फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने भी कहा कि फ्रांस और अधिक राफेल विमानों को भारतीय वायुसेना को सप्लाई करने के लिये तैयार है। ट्रैपियर ने कहा कि राफेल को वक्त पर सप्लाई करने के लिये हम श्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।

राफेल को वायुसेना में शामिल किये जाने को ऐतिहासिक दिन बताते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राफेल को भारतीय वायुसेना में शामिल करना उन लोगों के लिये सख्त चेतावनी है जिनकी हमारे भूभाग पर बुरी नजर है। गौरतलब है कि फ्रांस से पहले पांच राफेल विमानों की खेप गत 27 जुलाई को फ्रांस से भारत पहुंचाई गई थी।

फ्रांस से कुल 36 राफेल लडाकू विमान खरीदने का सौदा 2016 में किया गया था। 05 विमानों के पहुंचने के बाद बाकी 31 विमान 2022 तक भारतीय वायुसेना को सोंप दिये जाएंगे। अम्बाला के वयुसैनिक अड्डे के 17- स्क्रवाड्रन उर्फ गोल्डन ऐरो के कमांडिंग अफसर हरकीरत सिंह को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्क्वाड्न का स्क्राल भेंट किया। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने फ्रांस की रक्षा मंत्री को भी एक मेमेंटो भेंट किया।

इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राफेल विमानों का भारतीय वायुसेना के लिये निर्माण भारत औऱ फ्रांस के रक्षा सम्बन्धों के बीच मजबूत सम्बन्धों का प्रतीक है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की जिम्मेदारी अपनी सीमाओं की रक्षा तक ही सीमित नहीं है बल्कि हम सम्पूर्ण हिंद प्रशांत और हिंद महासागर के इलाके में जिम्मेदार भूमिका निभाते हैं।

इस मौके पर वायुसेना की सारंग हेलीकाप्टर टीम ने हवाई करतब पेश किये। हलका लडाकू विमान तेजस ने भी अपनी रोमांचक उडान पेश की।

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