DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: विदेशी रक्षा राजनयिकों ने किया अरुणाचल सीमा का दौरा

अरुणाचल के नजदीक चीन सीमा

नई दिल्ली। रक्षा कूटनीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यहां विदेशी दूतावासों में तैनात रक्षा राजनयिकों को इस सप्ताह चीन से लगे अरुणाचल प्रदेश के सीमांत इलाकों का दौरा कराया गया। यहां थलसेना के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। चीन से लगे सीमांत इलाको का दौरा काफी अहम है क्योंकि इस दौरे के बहाने भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत चीन सीमा विवाद की जमीनी स्थिति से अवगत कराने की कोशिश की है। इनमें 26 देशों के 29 रक्षा राजनयिकों को शामिल किया गया।





यहां थलसेना के प्रवक्ता के मुताबिक दौरा 24 से 29 नवम्बर तक भारत के पूर्वी इलाकों में कराया गया। इस दौरान रक्षा राजनयिकों को थलसेना के अलावा वायुसेना के तेजपुर वायुसैनिक अड्डे औऱ नौसेना के विशाखापतनम नौसैनिक अड्डे का भी दौरा कराया गया।

भारतीय सशस्त्र सेनाओं की गतिविधियों से अवगत कराने के लिये साल मे दो बार विदेशी रक्षा राजनयिकों को विभिन्न सैनिक इलाकों का दौरा कराया जाता है लेकिन यह पहली बार है कि मित्र देशों के रक्षा राजनयिकों को अरुणाचल प्रदेश से लगी आलोंग सीमा और असम में दिनजान सैन्य छावनी पर ले जाया गया। इन तीनों सैन्य इलाकों में रक्षा राजनयिकों का दो दो दिनो का दौरा रखा गया था।

अरुणाचल सीमा पर अलोंग पहुंचने पर रक्षा राजनयिकों को दाओ डिवीजन के जनरल आफीसर कमांडिंग ने असम औऱ अरुणाचल प्रदेश के कठिन दुर्गम इलाकों की सैन्य चुनौतियों की जानकारी दी। आलोंग में रक्षा राजनयिकों को युद्ध स्मारक और हेरिटेज म्यूजियम का दौरा कराया गया। दिनजान में असम की सांस्कृतिक झांकी दिखाने के लिये एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किया गया।

विदेशी राजनयिकों ने सीमांत इलाकों में भारतीय सेनाओं की चुनौतियों को समझा और इनसे निबटने की भारतीय सैनिकों की कोशिशों की सराहना की।

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