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स्पेशल रिपोर्ट: ध्रुव हेलिकॉप्टर अब निजी कम्पनियां भी बनाएंगी

ध्रुव हेलिकॉप्टर
फाइल फोटो

नई दिल्ली। विमान और हेलिकॉप्टर बनाने वाली  सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कम्पनी हिंदुस्तान ऐरोनाटिक्स लि.(HAL) ने प्राइवेट सेक्टर को पेशकश की है कि वह HAL द्वारा विकसित और उत्पादित अडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव का उत्पादन करने के लिये HAL से तकनीक हासिल कर सकता है।





ध्रुव हेलिकॉप्टर की असैनिक किस्म की आने वाले सालों में नागरिक क्षेत्र में भारी मांग पैदा होने की सम्भावना के मद्देनजर HAL ने प्राइवेट सेक्टर  की कम्पनियों से कहा है कि HAL ध्रुव हेलिकॉप्टर की तकनीक हस्तांतरित करने को तैयार है।  इस इरादे से हैल ने बेंगलूर में प्राइवेट कम्पनियों के लिये एक वर्कशाप आयोजित किया और उसकी क्षमताओं और भारतीय और विश्व बाजार में सम्भावनाओं के बारे में पूरी जानकारी दी। HAL ध्रुव हेलिकॉप्टर का  ओऱिजिनल इक्विपमेंट मैनुफैक्चरर है जिसने ध्रुव की उन्न्त किस्म की तकनीक प्राइवेट सेक्टर को देने की पेशकश की।

इस वर्कशाप में रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार ने ध्रुव हेलिकॉप्टरों की मार्केट सम्भावनाओं को लेकर जाहिर की जा रही चिंताओं को दूर किया। उन्होंने कहा कि ध्रुव की अपग्रेडेड किस्म  नवीनतम इलेक्ट्रानिक्स औऱ ग्लास काकपिट से लैस है। भारतीय प्राइवेट सेक्टर के लिये ध्रुव हेलिकॉप्टर भारी सम्भावनाएं पेश करता है।  अजय कुमार ने  हैल  द्वारा  प्राइवेट सेक्टर को ध्रुव की तकनीक बताने की पेशकश को ऐतिहासिक बताया औऱ इसके लिये हैल की सराहना की।

HAL के चेयरमैन औऱ प्रबंध निदेशक  आर माधवन ने कहा कि घरेलू औऱ अंतरराष्ट्रीय बाजार में हेलीकाप्टरों की बढ़ती मांग को देखते हुए ध्रुव हेलिकॉप्टर भारी सम्भावनांएं पेश करता है। इस वर्कशाप में देश  के कई अग्रणी उद्योग संगठन एसोचैम, फिक्की, सीआईआई ,सोसाइटी आफ इंडियन डिफेंस मैनुफैक्चरर्स आदि के प्रतिनिधियों के अलावे कई प्राइवेट कम्पनियों ने सीधी भागीदारी की।

गौरतलब है कि ध्रुव हेलिकॉप्टर नई पीढ़ी का साढ़े पांच टन वर्ग का हेलिकॉप्टर है जो मल्टी मिशन और मल्टी रोल हेलिकॉप्टर कहा जाता है। इस हेलिकॉप्टर ने अब तक 2.4 लाख घंटे की उड़ान भरी  है।  एएलएच मार्क-1 का इस्तेमाल नागरिक उद्देश्यों, वीआईपी उडानों, कानून पालन आदि के लिये किया जाता है।

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