DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: कोरोना संकट से रक्षा उत्पादन घटा- रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह
फाइल फोटो

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की वजह से भारत के रक्षा उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ा है।





मझले औऱ छोटे उद्योंगों(MSME) के संगठन और सोसाइटी आफ इंडियन डिफेंस मैनुफैक्चरर्स (SIDM) , रक्षा उत्पादन विभाग और सीआईआई के एक संयुक्त वीडियो सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कोरोना महामारी के खिलाफ राष्ट्र की लड़ाई में छोटे और लघु उद्योगों की भूमिका की सराहना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई है कि SIDM ने रक्षा शोध संगठन DRDO द्वारा डिजाइन किये गए पर्सनल प्रोटेक्शन इकिवपमेंट( PPE) के किट, मास्क , आदि का तेजी से निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि दो महीने के भीतर न केवल हम इन उत्पादों के मामले में आत्मनिर्भर हो गए हैं बल्कि हम अपनी पड़ोसी देशों की मदद करने की भी सोच सकते हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि छोटे एवं लघु उद्योग भारतीय अर्थव्वयवस्था की रीढ़ बन चुके हैं औऱ इनकी वजह से भारत के सकल घरेलू उत्पाद में तेजी आती है इसलिये इनके विकास पर ध्यान देना सरकार की प्राथमिकताओं में से है। रक्षा मंत्रालय के तहत आयुध कारखानों, सार्वजनिक उपक्रमों आदि से 8,000 से अधिक छोटे एवं मझले उद्योग जुडे हैं। ये इन संगठनों के उत्पादन का 20 प्रतिशत योगदान करते हैं। कोरोना महमारी की वजह से रक्षा उद्योग द्वारा सामना की जा ही कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से देश के निर्माण क्षेत्र को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इससे रक्षा क्षेत्र की सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि रक्षा उद्योंगों के उत्पादों की एकमात्र खरीदार सरकार है।

उन्होंने कहा कि SIDM ने लाकडाउन के लागू होने के बाद से रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र सेनाओं के साथ बैठकें की हैं। इससे सरकार को रक्षा उत्पादन की समस्याओं को समझने का मौका मिला है। रक्षा मंत्री ने कहा कि चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये रक्षा मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत आरएफपी- टेंडर के जवाब देने की तिथियां बढाई गई हैं। संकट के इस दौर में सरकार और रिजर्व बैंक ने इन पर से वित्तीय बोझ कम करने क लिये कदम उठाए हैं। इससे मझले उद्योगों को कुछ राहत मिलेगी।

रक्षा मंत्री ने भरोसा दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बताई गई आत्मनिर्भर भारत की नीति से देश में लाखों नये रोजगार पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि हमें स्वदेशी उत्पादों पर ही निर्भर करना है। हमें अपने जीवन में स्वदेशी उत्पादों को स्वीकार करना है। छोटे एवं लघु उद्योगों के लिये वित्त मंत्री द्वारा बताए गए कुछ कार्यक्रमों के बारे में उन्होंने जिक्र किया। इसके तहत सरकार ने छोटे एवं लघु उदयोंगों के लिये तीन लाख करोड़ रुपये का गारंटी मुक्त कर्ज देने का फैसला किया है। इसके अलावा मां- बेटी कोष के जरिये 50 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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