DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्रहण की K-9 तोप

रक्षा मंत्री ने ग्रहण की के-9 तोप

नई दिल्ली। गुजरात के हजीरा स्थित लार्सन एंड टूब्रो कारखाने में कोरियाई सहयोग से बनी के-9 वज्र होवित्जर तोपों का निर्माण वक्त से पहले पूरा किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत बनी 51वीं तोप लार्सन एंड टूब्रो के आर्मर्ड सिस्टम्स कम्पलेक्स से जब बन कर निकली तो राजनाथ सिंह ने उसे ग्रहण किया।





कम्पनी ने वक्त से पहले 50 के-9 वज्र तोपों को भारतीय थलसेना को सौंपा है। कम्पनी के एक प्रवक्ता के मुताबिक इससे कम्पनी द्वारा हासिल तकनीकी क्षमता का पता चलता है। एल एंड टी डिफेंस इन दिनों 155 मिमी, 52 कैलिबर की खींची जाने वाली स्वचालित होवित्जर तोपो का उत्पादन कर रही है। इसके तहत 42 महीनों में एक सौ तोपों को सौंपने का करार किया गया है। भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा यह अब तक का सबसे बड़ा ठेका प्राइवेट सेक्टर को दिया गया है। कम्पनी सभी सौ होवित्जर तोपों को तयशुदा वक्त से पहले सौंपने को तैयार है।

भारत में बन रही के-9 वज्र तोपों में 50 प्रतिशत स्वदेशी हिस्सा है जिसके तहत करीब 13 हजार कलपुर्जे भारत में ही बन रहे हैं। इसके लिये देश के पांच सौ से अधिक टियर-1 निर्माताओं को इकट्ठा किया गया है जिसमें एक सौ निर्माता मझोले उद्योग के हैं।

के-9 तोपें बनाने के लिये लार्सन एंड टूब्रो ने दक्षिण कोरिया की हानह्वा कम्पनी के साथ साझेदारी की है। भारत में तोपों को बनाने के लिये कोरियाई कम्पनी ने भारतीय इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया है।

Most Popular

To Top