DEFENCE

Special Report: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को फिर चेताया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
फोटो सौजन्य- ट्वीटर

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिर चीन को चेताया है कि भारत अपनी सम्प्रभुता और प्रादेशिक एकता की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध है। यहां नैशनल डिफेंस कालेज के हीरक जयंती समारोह के मौके पर दो दिनों के वेबीनार को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक सिद्धांतों की व्याख्या करते हुए कहा कि शांति तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब युद्ध रोकने की क्षमता हो।





उन्होंने कहा कि देशों के उत्थान और पतन का इतिहास बताता है कि शांति की इच्छा करने से ही शांति सुनिश्चित नहीं की जा सकती है। दुर्भाग्य से केवल शांति की इच्छा करना और प्रतिद्वंद्वी देश द्वारा इसके अनुकुल बर्ताव नहीं करने से सौहार्दपूर्ण माहौल नहीं बनता है। उन्होंने कहा कि दुनिया सुरक्षा , सम्प्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के विरोधी विचारों के बीच टकराव से प्रभावित है।

राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये रक्षा मंत्री ने मोटे तौर पर चार सिद्धांतों की व्याख्या की जिसमें पहला विदेशी खतरों और अंदरुनी चुनौतियों से भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को बचाना, दूसरा- भारत के आर्थिक विकास के लिये सुरक्षित और स्थिर हालात बनाए रखना ताकि राष्ट्र निर्माण के लिये अनुकूल माहौल बन सके। तीसरा- सीमाओं के बाहर भी, जहां हमारे लोग रहते हैं और सुरक्षा हित मेल खाते हैं , हम अपने हितों की रक्षा के लिये तैयार रहें और चौथा- एक वैश्वीकृत और एकीकृत दुनिया में हमारे सुरक्षा हित साझा इलाकों से मेल खाते हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने सिद्ध किया है कि जो देश आतंकवाद को राज्य की नीति के तौर पर अपनाते हैं उनमें उन विकल्पों के जरिये खौफ पैदा कियाजा सकता है जो अब तक नहीं लागू होने वाले कहे जाते थे। लेकिन पाकिस्तान की प्रतिगामी नीतियों का भंडाफोड करने में हमें न केवल सफलता मिली है बल्कि उन्हें अपना रवैया जारी रखना असम्भव बना दिया है।

उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति में पडोसी पहले को प्राथमिकता के तौर पर अपनाया गया है लेकिन इसके साथ ही अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया और रूस के साथ भी रिश्ते मजबूत किये गए हैं।

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