DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: साढ़े 10 हजार करोड़ का रिकार्ड रक्षा निर्यात, हुई दोगुना बढ़ोतरी

राजपथ पर ब्रह्मोस
फाइल फोटो

नई दिल्ली। भारत से रक्षा निर्यात में इस साल दो गुना से अधिक बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2017-18  में भारत से रक्षा साज-सामान का निर्यात 4,682 करोड़ रुपये का था जब  कि इसकी तुलना में 2018-19 के दौरान रक्षा निर्यात बढ़कर 10,475 करोड़ रुपये का हो गया।





राज्य सभा में रक्षा राज्य मंत्री एस एस नायक ने यह जानकारी देते  हुए बताया कि साल 2016-17 के दौरान भारत का रक्षा निर्यात मात्र 1,521 करोड़ रुपये का ही रहा था। नायक ने कहा कि पिछले तीन सालों में जो बड़े रक्षा साज सामान निर्यात किये गए हैं वे गश्ती पोत, सोनार औऱ रेडार, एवियानिक्स, रेडार वार्निंग रिसीवर, छोटे हथियार, गोलाबारूद, हथगोले,  दूरसंचार उपकरण, तटीय निगरानी, सिमुलेटर, बुलेटप्रूफ जैकेट आदि हैं।

रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि देश में 41 आय़ुध कारखाने,  सार्वजनिक क्षेत्र के नौ उपक्रम हैं जो देश से रक्षा निर्यात में अग्रणी भूमिका निभ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा  प्राइवेट सेक्टर की कम्पनियों को रक्षा साज सामान बनाने के लिये 452 औद्योगिक लाइसेंस जारी किये गए हैं।

नायक ने बताया कि पिछले तीन वित्तीय वर्ष के दौरान  पूंजीगत प्रोजेक्टों के 149 ठेके किये गए। इसमें से 1,38,727 करोड़ रुपये के 58 सौदे औऱ 76,955 करोड़ रुपये के 91 करार  विदेशी कम्पनियों के साथ किये गए। उन्होंने कहा कि जिन देशों के साथ सैन्य साज सामान के आयात सौदे किये जाते हैं उनमें अग्रणी हैं- अमेरिका , रूस,  इजराइल फ्रांस और ब्रिटेन ।

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