DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: चीनी सेना गलवान घाटी से पीछे हटना शुरू

गलवान घाटी पर पीछे हटी चीनी सेना
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी से चीनी सेना के 15 जून को हुई झड़प के इलाके से एक किलोमीटर पीछे हट जाने की रिपोर्ट्स हैं। गौरतलब है कि गलवान घाटी में ही गत 15 जून को खूनी झड़प हुई थी जिसमें भारतीय सेना के 20 और चीनी सेना के करीब 40 सैनिक मारे गए थे।





इस खूनी झड़प के बाद दोनों देशों के क्षेत्रीय सैन्य कमांडरों के बीच गत 22 जून को 11 घंटे तक अहम बातचीत हूई थी। इस बातचीत को भारतीय पक्ष ने रचनात्मक, सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक की संज्ञा दी थी। इस बातचीत में चीनी सेना की साउथ शिनच्यांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कमांडर मेजर जनरल ल्यु लिन और लेह स्थित 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह शामिल हुए थे।

इस बातचीत के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के संयुक्त सचिव स्तर की बातचीत 24 जून को हुई थी। इस बातचीत में भी दोनों पक्षों ने सैन्य कमांडरों की पिछली बातचीतों को लागू करने पर सहमति दी गई थी। हालांकि इस बातचीत के बाद चीनी सरकार ने पूरी गलवान घाटी को चीन का इलाका बताया था।

यहां सूत्रों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख के 05 इलाकों पर दोनों ओर से सैन्य तनातनी की स्थिति है जिसमें सबसे गम्भीर पैंगोंग त्सो झील की फिगर -4 से फिंगर-8 की चोटियों के बीच 08 किलोमीटर के इलाके पर चीन का कब्जा बना रहना है। सैन्य पर्यवेक्षक शंका जाहिर कर रहे हैं कि चीन इस इलाके से हटने को आसानी से तैयार नहीं होगा।

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