DEFENCE

Special Report: 22 दिनों की तनातनी के बाद चीन के तेवर हुए नरम

लद्दाख सीमा पर भारतीय सेना
फाइल फोटो

नई दिल्ली। लद्दाख के सीमांत इलाकों में गत 5 मई से भारतीय सेना के साथ तनातनी करने के बाद चीन ने अपने तेवर कुछ नरम करने के संकेत दिये हैं। पेइचिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत के साथ सीमा पर हालात कुल मिलाकर स्थिर और नियंत्रण करने योग्य है।





प्रवक्ता ने कहा कि इस मसले को बातचीत और सलाहमशविरा के जरिये सुलझाने के लिये दोनं देशों ने समुचित संवाद चैनल और प्रक्रिया बनाई है। लद्दाख से लगी भारत चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चल रही तनातनी के बीच चीनी विदेश मंत्रालय के इस बयान से भारतीय राजनयिक हलकों में राहत की सांस ली जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि भारत का संकल्प देखने के बाद चीन नियंत्रण रेखा के इलाके में यथास्थिति बनाए रखने को तैयार होगा और अपने सैनिक पीछे हटा लेगा।

प्रवक्ता ने कहा कि सीमा से जुडे मसलों पर चीन का रुख साफ और पहले की तरह है। प्रवक्ता के मुताबिक चीन भारत और चीन के शिखर नेताओं के बीच विकसित सहमति का सख्ती से पालन कर रहा है। गौरतलब है कि दो साल पहले चीन के ऊहान शहर और पिछले साल चेन्नै में भारत चीन शिखर बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिये सैनिकों को सलाह मशविरा करते रहने के निर्देश दिये थे। गौरतलब है कि मंगलवार को ही चीनी राष्ट्रपति ने चीनी सैनिक जनरलों से कहा था कि सबसे बुरे नतीजों का आकलन करते हुए अपनी सैनिक तैयारी करे।

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन अपनी सम्प्रभुता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। अब चीन भारत सीमा इलाका कुल मिलाकर स्थिर औऱ नियंत्रण की स्थिति मे है। चीन के इस बयान से इन रिपोर्टों को बल मिलता है कि दोनों देशों के बीच मसले को सुलझाने के लिये राजनयिक स्तर पर सलाह मशविरा जारी है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच 3488 किलोमीटर लम्बी वास्तविक नियंत्रण रेखा अरुणाचल प्रदेश से लेकर लद्दाख तक फैली है।

गत पांच मई को दोनों देशों के सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवान घाटी और नौ मई को पेंगोंग झील में टकराव हुआ था। तब से दोनों देशों ने नियंत्रण रेखा के अपने इलाकों में सैन्य तैनाती बढानी शुरु कर दी जिससे सीमांत इलाकों में तनाव बढ गया।

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