DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट : चीन सेना पीछे हटने को सहमत

गलवान घाटी पर पीछे हटी चीनी सेना

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में गत 61 दिनों से चल रही सैन्य तनातनी को दूर करने के लिये  चल रहे गम्भीर विवादों के बीच भारत ने कहा है कि दोनों सेनाएं वास्तविक नियंत्रण रेखा के तनाव वाले इलाकों से पीछे हटने  को तैयार हो गई हैं। गौरतलब है कि चीनी सेना ने  गत पांच मई को पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में वास्तविक नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण किया था।





 सोमवार को इस आशय की रिपोर्टें आने के बाद कि गलवान घाटी से चीनी सेना दो किलोमीटर पीछे चली गई है यहां विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि सीमा मसले पर  बातचीत के लिये दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच छह जुलाई को बात हुई है जिसमें दोनों पक्षों ने सहमति दी है कि दोनों देशों की सेनाएं तनाव के इलाके से पीछे हटेंगी और उकसावापूर्ण तैनाती को खत्म करेंगी।

विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक भारतीय विशेष प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विशेष प्रतिनिधि  विदेश मंत्री वांग ई के बीच  रविवार को  गहन बातचीत हुई। इस बातचीत का विदेश मंत्रालय ने ब्योरा देते हुए कहा कि  दोनों विशेष प्रतिनिधि इस बात से सहमत हुए कि दोनों पक्ष दोनों देशों के शिखर नेताओं के बीच विकसित सहमति से प्रेरणा लेंगे। दोनों शिखर नेताओं ने कहा था कि दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों के विकास के लिये सीमा पर शांति व स्थिरता का बना  रहना जरुरी है।  दोनों शिखर नेताओं ने यह भी कहा था कि दोनों पक्षों को आपसी विवादों को झगडे में नहीं बदलना होगा।

दोनों विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता में यह भी  सहमति बनी  कि   वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बदलने के लिये दोनों में से कोई भी एक पक्षीय कार्रवाई नहीं करेगा। इसी के मद्देनजर दोनों पक्ष सहमत हुए कि  वास्तविक नियंणत्र रेखा पर दोनों सेनाएं पूरी तरह पीछे हटेंगी । दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा का सख्ती से पालन करेंगी  और भविष्य में किसी झडप को रोकने के लिये मिलकर काम करेंगे ताकि दोनों देशों के बीच सीमांत इलाकों में शांति व स्थिरता भंग हो।

 दोनों विशेष प्रतिनिधि इस बात से भी सहमत हुए कि  दोनों देशों के बीच संवाद जारी रखने के लिये  राजनयिक और सैन्य अधिकारियों के बीच वार्ताएं होती रहेंगी।  दोनों पक्ष आपसी सहमति को समयबद्ध तरीके से लागू करेंगे । इसके अलावा यह भी सहमति बनी कि दिवपक्षीय समझोतों के अनुरुप दोनों पक्ष शांति व स्थिरता को सुनिशश्चित करने के लिये  दोनों विशेष प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी रहेगी।

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