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स्पेशल रिपोर्ट: ब्रिटेन भारत के साथ रक्षा रिश्ते गहरे करेगा

भारत-ब्रिटेन का फ्लैग

नई दिल्ली। यूरोपियन संघ से बाहर निकलने के बाद ब्रिटेन भारत के साथ रक्षा और सामरिक रिश्तों को और गहरा करेगा। ब्रिटेन के निर्वतमान उच्चायुक्त डोमिनिक एस्किथ ने यहां कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा रिश्तों को अब उच्च तकनीक के दायरे में ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा ब्रिटेन के लिये एक अहम सामरिक साझेदार रहेगा।





भारत में अपने चार साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ब्रिटिश उच्चायुक्त ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच अब अगली पीढ़ी के रक्षा उद्योग के साझा विकास के लिये सहयोग होगा। मिसाल के तौर पर उन्होंने कहा कि ब्रिटेन भारत के साथ अगली पीढ़ी के विमानवाहक पोतों की तकनीक के बारे में आपसी सहयोग गहरा कर सकता है। गौरतलब है कि भारत औऱ ब्रिटेन के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग आजादी के बाद से ही गहरा रहा है। साठ के दशक में ही ब्रिटेन ने अपना विमानवाहक पोत विक्रांत भारत को हस्तांतरित किया था। इसके बाद अस्सी के दशक में ब्रिटेन ने अपना दूसरा विमानवाहक पोत विराट भारत को हस्तातंरित किया।

इसके अलावा ब्रिटेन ने भारत को कई तरह के लड़ाकू विमानों की सप्लाई भी की है। इसमें अस्सी के दशक में सप्लाई किये गए जगुआर गहन भेदी लड़ाकू विमान भी शामिल है जो आज तक भारतीय वायुसेना की सेवा में है।

डोमिनिक अस्किथ ने कहा कि भारत केवल हथियारों का उत्पादन करने वाला देश ही नहीं बनना चाहता बल्कि इसकी महत्वाकांक्षा उच्च तकनीक के हथियारों का निर्यात करने की भी है। इस क्षेत्र में भारत औऱ ब्रिटेन साझा सहयोग कर सकते हैं।

ब्रिटिश उच्चायुक्त ने कहा कि 31 जनवरी को ब्रिटेन 28 देशों के संगठन यूरोपीय संघ से बाहर निकल जाएगा। इसके बाद भारत औऱ ब्रिटेन के बीच रिश्ते स्वतंत्र तौर पर विकसित होंगे। ब्रिटेन भारत के साथ व्यापार और निवेश के रिश्तों को औऱ गहरा कर रहा है। ब्रिटेन में भारतीय नागरिकों को सर्वाधिक वीजा जारी किये जाते हैं जिससे पता चलता है कि दोनों देशों के बीच जनता स्तर पर रिश्ते काफी गहरे हो चुके हैं।

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