DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: अमेरिका हमेशा भारत के साथ- पोम्पियो

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के रक्षा व विदेश मंत्रियों की टू प्लस टू वार्ता के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई खूनी झड़प का जिक्र करते हुए कहा है कि वहां 20 भारतीय सैनिकों के मारे जाने का उन्हें दुख है और वह ऐसे किसी भी खतरे से मुकाबला करने के लिये हमेशा भारत के साथ खडे रहेंगे।





माइक पोम्पियो ने दोनों देशों के रक्षा व विदेश मंत्रियों की वार्ता समाप्त होने के बाद साझा प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वह भारत की सम्प्रभुता की रक्षा के लिये भारत की मदद को तैयार हैं। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने वाला बेका समझौता सहित पांच समझौतों पर परस्पर हस्ताक्षर के बाद कहा कि हाल में गलवान घाटी में जिन भारतीय सैनिकों ने शहादत दी उन्हें हमने अपनी श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर धोखे से वार किया जिसमें 20 भारतीय सैनिक मारे गए थे। इस झडप में भारी संख्या में चीनी सैनिकों को भी जान गंवानी पडी लेकिन चीनी सेना ने इसकी सही जानकारी नहीं दी है।

माइक पोम्पियो ने कहा कि भारत की आजादी और सम्प्रभुता की रक्षा में मदद देने के लिये हमारा देश साथ खडा रहने को प्रतिबद्ध हैं। चीन की कडी निंदा करते हुए माइक पोम्पियो ने कहा कि ऊहान से फैली कोरोना महामारी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बारे में गहरी बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहाकि हमारे नेता और लोग यह देख रहे हैं कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी जनतंत्र, कानून का शासन, पारदर्शिता, नौवहन की आजादी और खुला व आजाद हिंद प्रशांत इलाके को पसंद नहीं करती है।

पोम्पियो ने कहाकि उन्हें यह कहते हुए खुशी हो रही है कि न केवल चीनी कम्पुनिस्ट पार्टी बल्कि सभी ओर से पैदा खतरों और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये भारत और अमेरिका सहयोग के सभी जरुरी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अब और जरूरी हो गया है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की दमनकारी, भ्रष्ट और शोषण करने वाली नीतियों से पैदा खतरों से बचने के लिये हम अपने लोगों की रक्षा के लिये आपसी सहयोग करें। पोम्पियो ने दक्षिण और पूर्वी चीन सागर, हांगकांग, हिमालय और ताइवान जलडमरूमध्य में चीन की हरकतों का जिक्र करते हुए कहा कि ये केवल कुछ मिसाल हैं।

Comments

Most Popular

To Top